दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में 17 मई को दीवार गिरने से मारे गए मुंगेर जिले के दो प्रवासी मजदूरों निरंजन यादव (46) और प्रभु यादव (50) का शव मंगलवार दोपहर उनके पैतृक गांव लाया गया। जैसे ही दोनों शव एक ही एंबुलेंस से सदर प्रखंड के मय तोफिर पंचायत स्थित गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद दोनों शवों का अंतिम संस्कार तोफिर गंगा घाट पर किया गया।
जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूर लंबे समय से दिल्ली में रहकर निर्माण कार्यों में मजदूरी कर अपने-अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वे बीते 16 अप्रैल को दिल्ली गए थे। 17 मई को काम के दौरान अचानक दीवार गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। शव पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय भाजपा विधायक प्रणव कुमार यादव और श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश मृतकों के घर पहुंचे और परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
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मृतक प्रभु यादव की पत्नी अनीता देवी ने बताया कि उनके पति परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। अब उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इसी तरह डॉ. बबीता भारती, जो मृतक के परिजन हैं, उन्होंने भी दुख जताते हुए सरकार से सहायता की मांग की। इस मौके पर भाजपा विधायक प्रणव कुमार यादव ने कहा कि दिल्ली में कार्य करने के दौरान मय तोफिर पंचायत के दो मजदूरों की दीवार गिरने से मौत बेहद दुखद है। सरकार की जो भी नियमानुसार प्रक्रिया है, उसके तहत परिजनों को पूरा लाभ दिलाया जाएगा।
वहीं, श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की योजना के तहत कार्य के दौरान दुर्घटना में प्रवासी मजदूर की मौत होने पर परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे पीड़ित परिवारों को शीघ्र लाभ मिल सके।