जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर मंगलवार को जमुई पहुंचे, जहां श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहार बदलाव सभा को उन्होंने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोला और कहा कि अब बिहार में जनता का राज स्थापित करना जरूरी है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार ने 20 साल तक बिहार की जनता को ठगने का काम किया है और अब उन्हें जाना ही होगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मोदी बिहार में वोट मांगने आएंगे तो उनसे पूछा जाना चाहिए कि फैक्ट्रियां बिहार में क्यों नहीं लग रही हैं, सिर्फ गुजरात और महाराष्ट्र में ही क्यों। पीके ने कहा कि अगर इस बार छठ के बाद भी आपके बच्चे गुजरात और महाराष्ट्र मजदूरी करने जाएंगे तो इसका दोष जनता पर ही आएगा। उन्होंने कहा कि अब यह तय करना है कि लालू का लालटेन राज चाहिए या फिर बच्चों के लिए शिक्षा और रोजगार।
उन्होंने लालू यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि लालूजी अपने 9वीं फेल बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, जबकि बिहार के पढ़े-लिखे नौजवान मैट्रिक, बीए और एमए करने के बाद भी बाहर जाकर 10-12 हजार रुपये की मजदूरी करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के नेताओं को अपने बच्चों की चिंता है, लेकिन आम लोग अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार ने अब तक जाति और धर्म के नाम पर वोट दिया है, लेकिन बदले में रोजगार और शिक्षा नहीं मिली। मोदी ने बिहार के वोट से गुजरात में फैक्ट्रियां लगवाईं और नीतीश ने जातिगत जनगणना करा दी, लेकिन बिहार के युवाओं का पलायन अब भी नहीं रुका।
सभा में उन्होंने जनता से कई वादे भी किए। कहा कि दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी पुरुष और महिलाओं को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जब तक सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधर नहीं जाती, तब तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों की पढ़ाई निजी स्कूलों में कराई जाएगी और उसकी फीस सरकार वहन करेगी। इसके अलावा दावा किया कि छठ के बाद बिहार के 50 लाख युवाओं को राज्य में ही 10-12 हजार रुपये की रोजगार सुविधा दी जाएगी, ताकि पलायन की मजबूरी खत्म हो सके। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार में सहारा में डूबे निवेशकों का पैसा, बिहार में सहारा की संपत्ति बेचकर सरकार को वापस करना चाहिए।