नगर परिषद बरौनी के वार्ड संख्या 10 निवासी मोहम्मद इरशाद (30) की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को उनका शव बरौनी स्थित घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। जवान बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है।
मृतक मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद इस्लाम के पुत्र थे। परिजनों के अनुसार, इरशाद दिल्ली में एक ऑनलाइन कंबल कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते थे। बीते 5 अक्टूबर की देर रात जब वह काम से घर नहीं लौटे, तो दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहे उनके छोटे भाई मोहम्मद इरफान ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई।
सफदरजंग अस्पताल में मिले घायल
परिजनों के मुताबिक, तलाश के दौरान पुलिस ने जानकारी दी कि सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर मोहम्मद इरफान अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायल युवक की पहचान अपने बड़े भाई मोहम्मद इरशाद के रूप में की। इरशाद की हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने जताई हमले की आशंका
मोहम्मद इरशाद की मौत के बाद परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने सड़क दुर्घटना की जानकारी दी थी, लेकिन इरशाद की स्कूटी पर दुर्घटना के स्पष्ट निशान नहीं दिखे। वहीं, उनके सिर और चेहरे पर कई जगह कटने के निशान थे। इन परिस्थितियों के आधार पर परिजनों ने आशंका जताई है कि इरशाद पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया हो सकता है। उनके सिर में गंभीर चोट और ब्रेन हैमरेज होने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई हमले की आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इरशाद की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
शुक्रवार को अस्पताल में मौत के बाद शनिवार को इरशाद का शव बरौनी लाया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिवार के लोगों और स्थानीय निवासियों की भीड़ जुट गई। जवान बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इरशाद की मौत के कारणों को लेकर परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के बीच घटना की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और हमले की आशंका में कितनी सच्चाई है।