भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकिशोर सिंह
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बेगूसराय की राजनीति में सोमवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने जन सुराज की सदस्यता लेने के महज 24 घंटे बाद अपना फैसला बदलने का ऐलान कर दिया। रविवार को जन सुराज का दामन थामने वाले राजकिशोर सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि वह भाजपा में ही बने रहेंगे और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। अपने वीडियो संदेश में राजकिशोर सिंह ने कहा कि वह करीब 40 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। उन्होंने कहा कि संघ के निर्देश के अनुसार वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने साफ किया कि उनकी राजनीतिक भूमिका भाजपा के साथ ही रहेगी और वह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में काम करेंगे।
एक दिन में बदल गया पूरा घटनाक्रम
राजकिशोर सिंह के जन सुराज में शामिल होने की खबर सामने आते ही बेगूसराय की सियासत में हलचल तेज हो गई थी। उनके इस कदम को भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, अगले ही दिन जारी उनके वीडियो संदेश से पूरा घटनाक्रम बदल गया।
राजकिशोर सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह भाजपा छोड़कर किसी दूसरे दल के साथ चुनावी राजनीति में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में रहेंगे और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में काम करेंगे।
24 घंटे में यू-टर्न से उठे सवाल
जन सुराज की सदस्यता लेने के 24 घंटे के भीतर राजकिशोर सिंह के रुख बदलने से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर उनकी जन सुराज की सदस्यता ग्रहण करने की तस्वीर सामने आई थी, वहीं अगले ही दिन उन्होंने भाजपा में बने रहने का ऐलान कर दिया।
अब चर्चा इस बात को लेकर है कि आखिर 24 घंटे के भीतर ऐसा क्या बदला, जिसके बाद राजकिशोर सिंह ने जन सुराज से जुड़ने के बाद अपना फैसला सार्वजनिक रूप से बदल दिया। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में इसकी वजह लंबे समय से संघ से जुड़े होने और संघ के निर्देश को बताया है।
पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं राजकिशोर सिंह
राजकिशोर सिंह लंबे समय तक भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और पार्टी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। ऐसे में एक दिन के भीतर उनके दो अलग-अलग राजनीतिक रुख सामने आने को स्थानीय भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
फिलहाल राजकिशोर सिंह ने साफ कर दिया है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, भाजपा में बने रहेंगे और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में काम करेंगे। उनके इस बदले रुख का आने वाले दिनों में बेगूसराय की स्थानीय राजनीति और भाजपा के भीतर चल रही गतिविधियों पर क्या असर पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।