बेगूसराय जिले के जिला परिषद सदस्य शिवचंद्र महतो की मौत का मामला उलझता जा रहा है। शुक्रवार की शाम तेघड़ा थानाक्षेत्र में उनकी लाश बरामद हुई, जिसे पुलिस ने दुर्घटना बताया था। लेकिन परिजनों के खुलासे और शरीर पर मिले तीन गोलियों के निशान से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इससे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजनों की मांग पर फोरेंसिक टीम की देखरेख में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की बात कही जा रही है।
राजनीति बनी हत्या की वजह!
शिवचंद्र महतो हाल ही में जन सुराज पार्टी में शामिल हुए थे। वह आगामी विधानसभा चुनाव में विधायक टिकट के लिए प्रयासरत थे। इससे घटना के राजनीतिक कारणों की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, पुलिस पर आरोप है कि वह हत्या को हादसे में बदलने की कोशिश कर रही है। स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों ने इस मामले में पुलिस की नीयत पर सवाल उठाए हैं।
मुख्य सवाल जो उठ रहे हैं:
परिजनों और राजनीतिक दलों के दबाव के बाद पुलिस ने दोबारा जांच का आश्वासन दिया है। अब सबकी नजर फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जो मामले की सच्चाई सामने लाएगी। इस घटना से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।