न्यायिक अभिरक्षा में मुख्य सरगना सतीश कुमार यादव
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (ADEO) परीक्षा में फर्जीवाड़े के मामले में फरार चल रहे मुख्य सरगना सतीश कुमार यादव को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने पटना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को EOU की टीम उसे मुंगेर लेकर पहुंची, जहां प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में उसकी पेशी कराई गई। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद EOU उसे रिमांड पर लेकर मामले में आगे की जांच करेगी।
गिरफ्तार सतीश कुमार यादव बक्सर जिले के निजामीपुर का रहने वाला है। वह मुंगेर के मुफस्सिल थाना में दर्ज कांड संख्या 177/26 में मुख्य अभियुक्त है। घटना के बाद से वह कई महीनों से फरार चल रहा था। EOU की टीम ने उसे पटना के शिवपुरी, गर्दनीबाग इलाके से गिरफ्तार किया।
मामला 14 और 15 अप्रैल को आयोजित ADEO परीक्षा में कथित बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े से जुड़ा है। जांच में अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के नाम पर 15 से 20 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई थी। मामले के खुलासे के बाद मुंगेर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में मास्टरमाइंड, तीन लाइनर और 18 अभ्यर्थियों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से एक व्हाट्सऐप ग्रुप भी बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, इस ग्रुप में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले थे। प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क कई जिलों में फैले होने की बात सामने आई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंपी गई थी। इसी क्रम में EOU ने मुख्य सरगना सतीश कुमार यादव को पटना से गिरफ्तार किया और उसे मुंगेर कोर्ट में पेश किया।
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि ADEO परीक्षा फर्जीवाड़े के मामले में मुंगेर पुलिस ने पहले 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुफस्सिल थाना में दर्ज इसी मामले की जांच EOU कर रही है। जांच के क्रम में मुख्य सरगना की गिरफ्तारी हुई है।