मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन 14 मार्च 2025 को डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश-4 कुमारी मनीषा की अदालत ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। इससे पहले 24 अगस्त 2026 को अदालत ने सभी आठ अभियुक्तों को दोषी करार दिया था।
आठ दोषियों के नाम सामने आए, अभियोजन ने रखे पूरे तथ्य
अपर लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि दोषियों में राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी शामिल हैं।
पहले विवाद शांत कराया, शाम को फिर हुआ हमला
अभियोजन के अनुसार, 14 मार्च 2025 को दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना मिली थी। सूचना पर डायल-112 के एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
लोहे की रॉड, दबिया और हुक से हमला करने का आरोप
शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्षों को दोबारा गाली-गलौज करते देखा गया। संतोष कुमार सिंह एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद आठों अभियुक्तों ने एकजुट होकर लोहे की रॉड, दबिया, हुक और लात-मुक्कों से उन पर हमला कर दिया। हमले में संतोष कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सिपाही की सूचना पर दर्ज हुआ था मामला
सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया था। राज्य की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने अदालत में अभियोजन पक्ष रखा। अपर लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह के अनुसार, सभी आठ दोषियों को बीएनएस की धारा 103(1) के तहत आजीवन कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, धारा 117(2) बीएनएस के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा होगी।
धारा 118(2) में 10 साल की सजा, सभी सजाएं साथ चलेंगी
धारा 118(2) बीएनएस के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अन्य तीन धाराओं में भी सभी दोषियों को सजा सुनाई गई है। अदालत के आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।