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Bihar: प्रशासन को हादसे का इंतजार! 12 साल में ही जर्जर हुआ करोड़ों का पुल, खंभों से बाहर झांक रहे सरिया

Fri, 12 Jun 2026 08:39 PM IST
तिरहुत ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिमी चंपारण

सार

West Champaran: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में बलोर नदी पर वर्ष 2014 में बना पुल महज 12 साल में जर्जर हो गया है। पुल के पिलरों का कंक्रीट उखड़ चुका है और सरिए बाहर दिखाई देने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल जांच व मरम्मत की मांग की है।  
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करोड़ों की लागत से बना पुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में एक और पुल की बदहाल स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बलोर नदी पर वर्ष 2014 में बने इस पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसके खंभे टूटने लगे हैं और अंदर का सरिया साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पुल की जर्जर स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों में बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

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12 साल पहले हुआ था उद्घाटन, अब दिखने लगी खामियां
नरकटियागंज-रामनगर मुख्य पथ पर बने इस पुल का उद्घाटन वर्ष 2014 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा किया गया था। निर्माण के महज 12 वर्ष बाद ही पुल के खंभों का कंक्रीट उखड़ने लगा है और लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। पुल की संरचना कमजोर होती दिखाई दे रही है।

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पिलर क्षतिग्रस्त, बरसात में बढ़ सकती है परेशानी
स्थानीय ग्रामीण अमजद अली, दिलशाद, अब्बास आदि का कहना है कि पुल के पूर्वी तरफ का पिलर नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया है। कंक्रीट के हट जाने से बेस में सरिया दिखने लगा है। बरसात के समय इस पहाड़ी नदी में बाढ़ भी आती है। इससे पिलर के दिख रहे सरियों पर दबाव बढ़ सकता है और पुल बैठ भी सकता है। ऐसे में पिलर के अधिक क्षतिग्रस्त होने पर भारी वाहन गुजरते समय कभी भी पुल धंस सकता है। इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और भारी वाहन गुजरते हैं। बरसात के मौसम में पुल पर दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में यदि समय रहते इसकी मरम्मत या तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों ने की तत्काल जांच और मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल की तत्काल जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल की जर्जर हालत के बावजूद विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है। क्षेत्रवासियों ने पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
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जेई बोले- विभाग को दी जा रही है जानकारी
हालांकि, पुल निर्माण विभाग के जेई पिंकू कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी पथ निर्माण विभाग को दी जा रही है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों को डर है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह पुल भी जिले में हाल के दिनों में क्षतिग्रस्त हुए अन्य पुलों की तरह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

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