मुखिया के समर्थक राेते हुए लाश के साथ कर रहे प्रदर्शन।
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शव को स्ट्रेचर पर ही ले आए ट्रैफिक चौक तक
परना पंचायत के मुखिया बीरेंद्र शर्मा की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह पंचायत के काम से बेगूसराय जिला मुख्यालय की ओर आ रहे थे। पीछा कर रहे बाइक सवार अपराधियों ने सोना चिमनी के पास उन्हें गोली मार दी। आननफानन में स्थानीय लोगों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया, लेकिन तब तक रास्ते में ही मुखिया की मौत हो चुकी थी। स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा के पुत्र वीरेंद्र शर्मा पिछले दो बार से मुखिया रह चुके हैं। मुखिया की मौत के बाद समर्थकों ने सदर अस्पताल से लेकर सड़कों तक जमकर बवाल मचाया। लोग पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे हैं। परिजन और मुखिया के समर्थक स्ट्रेचर पर ही शव को खींचते हुए ट्रैफिक चौक तक ले आए थे। यहीं एनएच 31 को जाम कर हंगामा किया जा रहा है। पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है।
आड़े-तिरछे गाड़ियां लगवाकर जाम रखा गया है।
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गांव से जिला मुख्यालय तक भारी आक्रोश
मुखिया के ग्रामीण चंदन शर्मा ने बताया कि बीरेंद्र शर्मा की किसी से दुश्मनी नहीं थी। जनप्रतिनिधि होने के नाते राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जरूर थी। लोगों ने बताया कि जिस जगह से घटना हुई, वहां पर सैकड़ों की संख्या में मजदूर चिमनी भट्टा पर काम कर रहे थे। इस घटना को लेकर गांव से बेगूसराय शहर तक भारी आक्रोश का नजारा दिख रहा है।