डीएमडीएच में बन रहा मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर।
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दरभंगा में एम्स निर्माण को लेकर राजनीति चरम सीमा पर हो रही है। वहीं डीएमसीएच में मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल का विस्तार किया जा रहा है। इस कड़ी में अब डीएमसीएच परिसर में जच्चा-बच्चा का एक साथ इलाज हो सके इसके लिए सरकार एक 100 बेड का अलग से एक अस्पताल भवन का निर्माण करा रही है। यह अस्पताल अत्याधिक सुविधाओं से लैस होगा। जिससे कि दूर दराज से आने पर गंभीर प्रसव पीड़ा वाली महिलाओं को कही और भटकने की जरूरत नहीं होगी। इस तरह के मरीजों को एक ही छत के नीचे उनका इलाज पूरी तरीके से हो पाएगा।
डीएमसीएच परिसर में मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इस अस्पताल भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यह अस्पताल 100 बेड का होगा, जहां एक साथ नवजात शिशु और उनकी माताओं का इलाज हो सकेगा।
एक छत के नीचे नॉर्मल और सिजेरियन प्रसव
इस अस्पताल के बन जाने से गर्भवती महिलाओं का नॉर्मल और सिजेरियन प्रसव अब एक ही छत के नीचे हो सकेगा। इस तरह के मरीजों को यहां 24 से 48 घंटे तक डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की देखरेख मरीज रह सकेंगे, इस भवन में ऐसी व्यवस्था की जाएगी। अगर किसी मरीज का सर्जरी से डिलीवरी होती है तो 8 से 10 दिनों तक डॉक्टरों की देखरेख में यहीं पर रखा जाएगा।
निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में
इस संबंध में डीएमसीएच के अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि यह बिहार का पहला मदर एंड चाइल्ड अस्पताल होगा। इसके भवन निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भवन के पूर्ण होते ही यहां पर मरीजों का इलाज होना शुरू हो जाएगा।