बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वर्षों बाद देश को फ्रंट से लीड करने वाला प्रधानमंत्री मिला है। जनता का समर्थन पाना, राजनेता होना अलग बात है, लेकिन सामने आकर उसका नेतृत्व करना अलग बात है। नरेंद्र भाई मोदी सामने आकर नेतृत्व करने वाले नेता हैं।
पटना में रविवार को सवा अरब भारतीयों के सपनों का लोकार्पण करते हुए नीतीश ने कहा कि विकास के लिए एक ऐसे नेतृत्व की हमेशा जरूरत होती है जो आगे आकर नेतृत्व करे। मोदी जी में वो क्षमता है और वो ऐसा करते हैं।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए नीतीश ने कहा कि जीत के बाद उनका नेतृत्व सामने आता है, लेकिन हारने पर सामने आने वाला वहां नेतृत्व नहीं है। नीतीश ने कहा कि हम बिहार और विकास के साथ समझौता नहीं करते। नोटबंदी का हमने समर्थन किया, जबकि उस वक्त हम भाजपा के साथ नहीं थे।
पढ़ें- ...जब पटना में पीएम मोदी के गाइड बने नीतीश कुमार, देखें तस्वीरें
प्रधानमंत्री से पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा मांगने के कारण विपक्षी दलों की ओर से हो रहे तंज पर नीतीश ने कहा कि बिना मांगे कुछ नहीं मिलता है। जब मांगेंगे तभी मिलेगा। बिहार और केंद्र में एक ही गठबंधन की सरकार है तो उम्मीद रखना चाहिए कि जितना मांगेंगे उतना मिलेगा और विकास तेज होगा।
इस अवसर पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के काम करने की शैली और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम करने की शैली में कोई अंतर नहीं है। दोनों की शैली एक जैसी ही है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी जैसा बड़ा काम बिना किसी खून खराबे के हो गया यह मोदी जैसे नेता से संभव था। उन्होंने कहा कि जीएसटी का लाभ भी जल्द ही दिखने लगेगा।