रेलवे की परीक्षा में हाइटेक तरीके से नकल कर नौकरी दिलाने वाले बिहार के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। बिहार एसटीएफ ने पटना के भिखना पहाड़ी से चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
परीक्षा से पहले हुई गिरफ्तारी
पटना में रविवार को रेलवे के ग्रुप डी की होनेवाली परीक्षा के पहले ही इन जालसाजों की गिरफ्तारी हुई है।
रूस निर्मित माचिस की तीली के आकार के एक खास ब्लूटूथ की मदद से नकल कराने वाले इस गिरोह ने बेहद चौकाने वाले खुलासे किए है।
बताया जाता है कि यह गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए तीन-तीन लाख रुपए लेता था। रकम भी फाइनल सिलेक्शन होने के बाद ही देनी होती थी।
हाइटेक ब्लूटूथ बरामद
एसटीएफ ने इनके पास से 11 ब्लूटूथ, 16 कान में लगनेवाले स्पीकर, छह मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, 23 माइक्रो बैटरी, नौ मूल प्रमाणपत्र, 55 हजार रुपए व एक बाइक भी बरामद की है।
पकड़े गए चार लोगों में से दो रोहतास के राज कुमार सिंह व दिनकर पांडे है जबकि दो छात्र अजीत कुमार (रोहतास) और वरुण कुमार (कटिहार) हैं। इनके पास से जो ब्लूटूथ बरामद किया गया है वह रूस निर्मित बताया जा रहा है।
इसमें खास बात यह है कि यह ब्लूटूथ माचिस की तीली के आकार का है, जिसे परीक्षा केंद्रों पर पकड़ पाना बेहद मुश्किल है।
तीन लाख रुपए में परीक्षा पास कराने का वादा
अजीत व वरुण रविवार को रेलवे के ग्रुप डी परीक्षा में शामिल होने वाले थे। दोनों से गिरोह के लोगों ने तीन लाख रुपये में परीक्षा में नैया पार कराने का वादा किया था। एडवांस के रूप में दोनों से 25 हजार रुपए भी लिए गए थे।
पूछताछ में राज कुमार व दिनकर ने बताया कि पटना के बाहर परीक्षा देने वाले करीब 30 से 35 अभ्यर्थियों को छापेमारी होने के कई घंटे पहले ही हाइटेक तरीके से लैस कर रवाना कर दिया गया।
इन सभी को परीक्षा में बैठने के बाद उनके शरीर में गुप्त तरीके से लगाए गए ब्लूटूथ के सहारे प्रश्नों के उत्तर लिखाए जाने थे।
बिहार एसटीएफ के अनुसार गिरोह के सरगना मुकेश व संजय हैं जो अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं। इनकों पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।