मिड-डे-मील त्रासदी के बाद जागी बिहार सरकार अब खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सख्त नियम बनाने जा रही है।
इसके तहत सरकार अब खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा के बारे में स्कूलों की दीवारों पर नियमों को लिखवाने के साथ ही स्कूल प्रिंसिपल को लिखित दिशानिर्देश उपलब्ध कराएगी।
मिड डे मील स्कीम के डायरेक्टर आर लक्ष्मणन ने कहा कि हम स्कूलों में मिड डे मील स्कीम के तहत परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश तैयार करवा रहे हैं। ये दिशानिर्देश खाद्य विशेषज्ञों की मदद से तैयार किए जा रहे हैं।
इनमें सारण जिले के एक स्कूल में हुए हादसे की स्थिति में फर्स्ट एड उपायों के बारे में प्रिंसिपल को जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत को देखते हुए कई मेडिकल एक्सपर्ट ने पीड़ित बच्चों को तत्काल ओआरएस नहीं दिए जाने पर चिंता जताई थी।
फर्स्ट एड प्रोटोकाल प्रिंसिपलों को उपलब्ध कराए जाने की जरूरत को समझाते हुए लक्ष्मणन ने कहा कि इन चीजों के बारे में स्कूल प्रिंसिपलों को जानकारी होनी चाहिए।
बिहार मिड डे मील डायरेक्टर ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा के बारे में लिखित दिशानिर्देश उपलब्ध कराए जाने के साथ ही इनको स्कूलों की दीवारों पर भी लिखवाया जाएगा ताकि सभी लोग इन्हें देख सकें और इनका पालन कर सकें।
स्कूल प्रिंसिपल अब भी गिरफ्त से बाहर
सारण जिले के एक स्कूल में मिड डे मील हादसे के छह दिन बाद भी आरोपी स्कूल प्रिंसिपल और उसका पति पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस फरार चल रहे दोनों आरोपियों की संपत्ति की कुर्की के लिए सोमवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा कि फरार स्कूल प्रिंसिपल मीना देवी और उसके पति अर्जुन राय के बारे में मिले सुराग के आधार पर कई जगहों पर छापा मारा गया लेकिन दोनों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत के मामले में धर्मसती स्कूल की प्रिंसिपल मीना देवी के खिलाफ पुलिस ने धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत एफआईआर दर्ज की है।