रविवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी जैसे ही विधायक मुन्ना तिवारी और दिलीप चौधरी के साथ जदयू का तिल खाने जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ बाबू के घर पहुंचे, सबकी नजर उन पर ही ठहर गई। इस दौरान अशोक चौधरी ने कहा कि राजनीति में ना कोई शुरुआत होती है और ना ही पूर्ण विराम होता है। उन्होंने कहा कि वशिष्ठ बाबू से मेरे पुराने संबंध हैं।
महागठबंधन टूटने के बाद भी मैं कई बार उनसे मिलता रहा हूं और इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले विधायक दल के नेता सदानंद सिंह के आवास पर कांग्रेस नेताओं की आपात बैठक बुलाई गई थी, जिसमें तमाम विधायकों को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान अशोक चौधरी और उनके समर्थक विधायक बैठक से नदारद रहे।