प्रशांत किशोर महापंचायत में हुए शामिल
- फोटो : अमर उजाला
महापंचायत में शामिल हुए प्रशांत किशोर, कहा- इन्हें नौकरी या मुआवजा नहीं, सिर्फ न्याय चाहिए
जन-सुराज' के सूत्रधार प्रशांत किशोर पीड़ित सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के घर पर पहुंचे। वहां उन्होंने मृतक के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढाढस बंधाया। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार और पुलिस तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पैसे-नौकरी नहीं, हत्या की साजिश रचने वालों को मिले सजा
प्रशांत किशोर ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांग बिल्कुल साफ और स्पष्ट है। उन्हें सरकार से न तो कोई पैसा चाहिए, न कोई मुआवजा और न ही किसी तरह की सरकारी नौकरी। उन्होंने कहा कि परिवार सिर्फ और सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है। न्याय का मतलब यह है कि जिन पुलिसकर्मियों ने भरत पर गोलियां चलाईं और जिन बड़े चेहरों ने इस पूरी हत्या की साजिश रची, उन सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मां के आंसुओं ने खड़े किए सवाल, पीके ने दिया साथ का भरोसा
प्रशांत किशोर ने भावुक होते हुए कहा कि मृतक की मां का भी यही मानना है कि उनके बेटे की जान सोची-समझी रणनीति के तहत ली गई है। पीके ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि न्याय की इस लड़ाई में जन-सुराज पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ा है और जब तक दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक इस आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।