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महाबोधि मंदिर में आधी रात के बाद लगाए गए थे बम

Tue, 09 Jul 2013 12:55 AM IST
गया/नंदन कुमार शर्मा
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महाबोधि मंदिर तथा आसपास शनिवार की देर रात टाइमर बम रखे गए थे। अनुमान है कि रात एक से दो बजे के बीच आतंकी मंदिर में घुसे होंगे।
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जिला प्रशासन तथा पुलिस अधिकारी खुलकर तो नहीं बोल रहे, लेकिन इससे इनकार भी नहीं कर रहे हैं। आतंकियों की संख्या पांच तक होने की बात की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक धमाके रविवार सुबह 5.40 बजे शुरू हुए थे।

पढ़ें, महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमला, 9 सीरियल धमाके

जिला प्रशासन ने धमाके से पहले का सीसीटीवी फुटेज जारी नहीं किया है। लेकिन जांच कर रही एजेंसियां इस तथ्य पर गंभीरता से जांच कर रही हैं कि आतंकी आधी रात के बाद मंदिर में घुसे और बम लगाकर चुपके से निकलने में कैसे सफल रहे।
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इस संबंध में पूछने पर जिलाधिकारी बालामुरूगन डी तथा एसएसपी गणेश कुमार सीधा उत्तर देने के बजाय यह कहकर सवाल टाल रहे हैं कि हो सकता है ऐसा हुआ हो?

बता दें कि रविवार सुबह 5.40 बजे से सीरियल बम ब्लास्ट शुरू हुआ था। कुल 9 ब्लास्ट हुए। पूरा बोधगया दहल उठा। हालांकि, कोई बड़ी क्षति नहीं हुई, पर आतंकियों ने इस घटना को अंजाम देकर अपनी वजूद का एहसास करा दिया।

तस्वीरों में देखिए, धमाकों से थर्रा उठा महाबोधि मंदिर

इस बीच, बोधगया में हुए सीरियल बम ब्लास्ट की घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट परिषद के सदस्य व रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले बोधगया पहुंचे।

उन्होंने सबसे पहले महाबोधि मंदिर पहुंचकर भगवान बुद्ध के दर्शन किए और मंदिर परिसर में हुए बम धमाकों के स्थानों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों को उन्होंने बताया कि शांति की भूमि पर अशांति फैलाने का प्रयास सफ ल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जिस पवित्र भूमि से भगवान बुद्ध ने पूरे विश्व में शांति, सत्य व अहिंसा का संदेश दिया था, उसी भूमि पर इस तरह का कुत्सित कार्य निंदनीय है।

अठावले ने कहा है कि मंदिर की सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है, तभी आतंकी अपने मंसूबे में कामयाब हुए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी केन्द्र सरकार को बौद्ध धर्मस्थलों को निशाना बनाए जाने के लिए चेताया था। लेकिन सरकार नहीं चेती और नतीजा बौद्धों का हृदयस्थल रक्तरंजित हो गया।

सीसीटीवी फुटेज पर उठे सवाल
बोधगया बम ब्लास्ट के बाद जिला प्रशासन द्वारा दिखाए गए सीसीटीवी के फुटेज सवालों के घेरे में आ गया है। जिला प्रशासन ने जो फुटेज दिखलाया है, उसमें तारीख 6/7/2013 अंकित है। वहीं समय 5:40:29 अंकित है। जबकि घटना 7/7/2013 की है।
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फुटेज पर अब सवाल उठने लगे हैं कि सीसीटीवी में जब तारीख सही सेट नहीं है, तो वैसी स्थिति में इस फुटेज में समय कहां तक सही दर्ज होगा। इस सवाल पर एसएसपी और जिलाधिकारी ने प्रेसवार्ता में भी स्पष्ट जवाव नहीं दिया है।
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