जनता दल यूनाइटेड की रविवार को हुई बैठक के बाद बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। क्योंकि जदयू ने लोकसभा चुनाव सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा पर अंदरूनी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। जिसका असर जदयू की मीटिंग के एक दिन बाद ही देखने को मिला। जब बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी को मीडिया के सामने आकर मोर्चा संभालना पड़ा। और उन्होंने साफतौर पर कहा कि बिहार में एनडीए के नेता बड़े भाई नीतीश कुमार ही होंगे।
सुशील मोदी ने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है लेकिन बिहार के नेता तो नीतीश कुमार ही हैं। इसलिए बिहार में जो वोट मिलेगा वो नरेंद्र मोदी के नाम पर और नीतीश कुमार के काम के नाम पर ही मिलेगा। इसमें कोई विरोधाभास नहीं हैं।' सुशील मोदी सोमवार को बिहार में 2019 के चुनाव और टिकट बंटवारे को लेकर बोल रहे थे।
बता दें कि जदयू ने आगामी चुनाव का चेहरा नीतीश कुमार को बताया था भाजपा ने भी उसकी हां में हां मिला दिया है। बिहार में भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने यह भी कहा, 'हमारे और जदयू के बीच कोई विवाद नहीं है।'
उन्होंने आगे कहा कि जब दिल मिल गये तो सीट कौन सी बड़ी चीज है। हर चुनाव के अंदर कौन कितना लड़ेगा और नहीं लड़ेगा इन सीटों का हिसाब हम उस दिन करेंगे जिस दिन हमारी साथ-साथ बैठक होगी। सीटों के बंटवारे को लेकर अभी से अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है। जिस दिन हमारी बैठक होगी उसी दिन हम हर बात और सीट बंटवारे का ऐलान कर देंगे। बता दें कि 7 जून को पटना में एनडीए की बैठक होने वाली है।
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रविवार को जेडीयू की बैठक के बाद ताजा बयान देते हुए जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा ने कहा कि हां, हमने अपना चेहरा राजग गठबंधन के लिए नीतीश कुमार को रखने का फैसला लिया है लेकिन लोकसभा चुनाव को लेकर अभी हमारी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। हमारा सिर्फ यही मानना है कि राजग में बीजेपी एक बड़ी पार्टी है। और उसे अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ आदर और समझदारी से बात करनी चाहिए। वहीं बातों बातों में पवन वर्मा ने लोकसभा के चुनावी चेहरे के साथ अपनी पार्टी की बात भी रख दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी समझ भी होनी चाहिए।