दरोगा राम भजन सिंह की फाइल फोटो।
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लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के वक्त ईवीएम मशीन ले जा रहे एक दरोगा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आननफानन में दरोगा को पटना के एम्स में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान रविवार की सुबह अचानक उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनते ही नवादा जिले में पुलिस महकमे में के बीच मातमी सन्नाटा पसर गया। घटना के बाद बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने मृतक दरोगा के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
बता दें कि नवादा जिला के कौवाकोल थाना में पदस्थापित एक दरोगा राम भजन सिंह को सातवें और अंतिम चरण के मतदान के लिए औरंगाबाद में चुनावी ड्यूटी लगाया गया था। मतदान खत्म होने के बाद दरोगा राम भजन सिंह एवं ईवीएम लेकर वज्रगृह जा रहे थे। इसी क्रम में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। तबीयत खराब होने के बाद दरोगा राम भजन सिंह को इलाज के लिए औरंगाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत औरंगाबाद अस्पताल में खराब होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स में भेजने की सलाह दी। शनिवार की देर रात दारोगा राम भजन सिंह को पटना के एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार की सुबह उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में मातमी सन्नाटा पर पसर गया। घटना की पुष्टि नवादा कौवाकोल के प्रभारी प्रदीप कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि रामभजन सिंह मूल रूप से बलिया जिला के गांगहरा गांव के निवासी थे। उनके परिजनों को उनकी मौत की खबर घर पर भेज दी गई है।