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तीन चरणों के चुनाव के बावजूद जदयू ने नहीं जारी किया घोषणापत्र, राममंदिर और धारा 370 ने रोका?

Sun, 28 Apr 2019 11:44 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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भाजपा और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइडेट (जदयू) बिहार में एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन दोनों में कई मुद्दों को लेकर राय एक-दूसरे से इतर है। इसका डर दोनों ही पार्टियों को सता रहा है। यही कारण है कि तीन चरणों में मतदान होने के बावजूद अभी तक जदयू ने अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया है। 

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सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए मतदान होने हैं। चौथे चरण में बिहार में मतदान पूरा हो जाएगा। मगर अभी तक जदयू ने जनता के सामने अपना घोषणापत्र नहीं रखा है। इसके पीछे भाजपा के दबाव की बात कही जा रही है क्योंकि कुछ मामलों में दोनों पार्टियों के बीच एक राय नहीं बन रही है।

धारा 370, राम मंदिर पर अलग राय

यदि जदयू चुनाव पूरे होने से पहले घोषणापत्र को जारी नहीं करती है तो 2003 में पार्टी की स्थापना होने के बाद से पहली बार ऐसा होगा। जदयू पहले 4 अप्रैल को अपना 'निश्चय पत्र' जारी करने वाली थी। लेकिन उसके नेताओं को चिंता हुई कि धारा 370, धारा 35ए, नागरिक संहिता और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर उसकी राय भाजपा से अलग है। इस परिस्थिति में यदि जनता को उनके बीच मतभेद नजर आया तो गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है।

राम मंदिर और धारा 370 को लेकर पार्टी की राय अलग है। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि वैचारिक मतभेद का चुनावी अभियान पर असर नहीं पड़ना चाहिए। प्रधानमंत्री जहां राम मंदिर निर्माण और धारा 370 को खत्म करने की बात करते हैं वहीं नीतीश कुमार मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने की बात कहते हैं। ऐसे में बेहतर है कि चुनाव खत्म होने तक विवाद वाले मुद्दों को अंदर ही रखा जाए।

पार्टी के नेताओं की अलग राय

इसी बीच एक निजी चैनल से बात करते जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने इस बात की जानकारी देने से मना कर दिया कि पार्टी का घोषणापत्र आएगा या नहीं। मामले से कन्नी काटते हुए उन्होंने कहा कि घोषणापत्र आएगा या नहीं मुझे इसे लेकर जानकारी नहीं है। वहीं शनिवार को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण ने कहा कि अगले हफ्ते तक घोषणापत्र जारी हो सकता है।

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