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जिया हो बिहार के लाला...राजग को हर जाति धर्म का वोट, झारखंड में जल जंगल जमीन के नारे पर भारी मोदी

Fri, 24 May 2019 06:48 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ रांची
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जीत के बाद खुशी मनाते समर्थक - फोटो : अमर उजाला
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बिहार में भाजपा और सहयोगियों को बंपर 39 सीटों पर सफलता मिली हैं। हर जाति धर्म का वोट राजग को मिला है।  वहीं लालू की पार्टी साफ हो गई है। कांग्रेस मात्र एक सीट पर सिमट गई है। बिहार की रैलियों में मोदी ने कई बार कहा...जिया हो बिहार के लाला। अब जनता ने भी दिखा कि बिहार का लाला कौन है। 

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बिहार की सबसे हॉट सीट बेगुसराय पर गिरिराज सिंह ने कन्हैया को एक तरफा पटखनी दी। मोदी की आंधी में तमाम बड़े धुरंधर औंधे मुहं गिरे। पटना साहिब से रविश्ांकर प्रसाद ने शत्रुघन सिन्हा को हराया। जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और प्रदेश की जनता के बीच अपनी बात करने में राजग जहां सफल रहा, वही खींचतान, निजी स्वार्थ और आलोचनात्मक एजेंडे ने महागठबंधन को जीत से दूर रखा।  

यह परिणाम राजद के उस दावे को खारिज करता है कि विधानसभा चुनाव नीतीश अपने चेहरे पर नहीं बल्कि लालू प्रसाद के चेहरे की बदौलत जीते थे। लोजपा की शानदार जीत से चिराग का कद बिहार की राजनीति में बढेगा। बेशक इस चुनाव में कांग्रेस का खाता खुलता हुआ नहीं दिख रहा है, लेकिन  कहा जा सकता है कि पार्टी विधानसभा के लिए एक विकल्प के रूप में खुद को तैयार कर सकती है। भाजपा जदयू के बीच यह तालमेल अब और मजबूत होगा। 
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बिहार
कुल सीटें: 40
                     भाजपा+    जेडीयू     कांग्रेस    आरजेडी
2019                  23          16          01        00
2014                  22           02         02        04
2009                  12           02          20       04

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झारखंड: जल जंगल जमीन के नारे पर भारी मोदी सरकार

जयंत सिन्हा और शिबू सोरेन - फोटो : अमर उजाला
आदिवासी बहुल राज्य झारखंड ने एक बार फिर मोदी पर भरोसा जताते हुए अकेले भाजपा को 11सीटों समेत 12 सीटों का तोहफा दिया है। रामटहल चौधरी जैसे वरिष्ठ नेता का टिकट काटने और यशवंत नेता के विरोध के बीच जनता ने ब्रांड मोदी को अपनाया है।

 उपलब्धि इसलिए अहम है कि सभी महत्वपूर्ण विपक्षी दलों के बीच चुनावपूर्व गठबंधन हुआ था। इसके अलावा पार्टी ने पहली बार रघुवर दास के रूप में किसी गैर आदिवासी को सीएम बनाने का भी खतरा मोल लिया था। खासतौर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तो इसे सबसे बडा चुनावी मुद्दा बनाया था। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य के 14 लोकसभा सीटों में 12 पर जीत हासिल की थी। इस बार 11 सीटें आईं हैं लेकिन संख्या 12 ही है क्योंकि एक सीट गठबंधन सदस्य आजसू को मिली है।

                      भाजपा+    कांग्रेस    अन्य    
2019                  12            01      01    
2014                  12            00      02    
2009                  08             01     05    
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