जयंत सिन्हा और शिबू सोरेन
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आदिवासी बहुल राज्य झारखंड ने एक बार फिर मोदी पर भरोसा जताते हुए अकेले भाजपा को 11सीटों समेत 12 सीटों का तोहफा दिया है। रामटहल चौधरी जैसे वरिष्ठ नेता का टिकट काटने और यशवंत नेता के विरोध के बीच जनता ने ब्रांड मोदी को अपनाया है।
उपलब्धि इसलिए अहम है कि सभी महत्वपूर्ण विपक्षी दलों के बीच चुनावपूर्व गठबंधन हुआ था। इसके अलावा पार्टी ने पहली बार रघुवर दास के रूप में किसी गैर आदिवासी को सीएम बनाने का भी खतरा मोल लिया था। खासतौर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तो इसे सबसे बडा चुनावी मुद्दा बनाया था। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य के 14 लोकसभा सीटों में 12 पर जीत हासिल की थी। इस बार 11 सीटें आईं हैं लेकिन संख्या 12 ही है क्योंकि एक सीट गठबंधन सदस्य आजसू को मिली है।
भाजपा+ कांग्रेस अन्य
2019 12 01 01
2014 12 00 02
2009 08 01 05