लोजपा सांसद कैसर ने कहा कि चिराग पासवान बिहार की राजनीति की नब्ज पकड़ने में नाकाम रहे और उनकी इस बड़ी गलती का परिणाम पार्टी को विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। चिराग पासवान को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद हुए प्रदर्शनों के बाद कैसर पटना से दिल्ली पहुंचे।
कैसर ने कहा, 'चिराग ने बिहार चुनाव में बड़ी गलती की। एनडीए में रहते हुए उन्होंने जदयू के खिलाफ काम किया, जो कि भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए का हिस्सा है। इसीलिए हमने नेतृत्व बदलने का फैसला किया। चिराग में अनुभव की कमी है इसलिए हमने पशुपति कुमार पारस का समर्थन किया है। '
यह बताते हुए कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है, कैसर ने कहा, चिराग बिहार की राजनीति की नब्ज पकड़ने में नाकाम रहे जिसका खामियाजा पूरी पार्टी को भुगतना पड़ा है। हमारी शुभकामनाएं चिराग पासवान के साथ हैं कि वह इन स्थितियों का सामना करते हुए आगे बढ़ें और एक बड़े नेता के तौर पर उभरें।
इस सवाल पर कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी जदयू नेता ललन सिंह पार्टी में इस टूट के पीछे हैं, महबूब अली कैसर ने कहा कि पार्टी के भीतर कोई भी रार नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने ललन सिंस से वीणा सिंह के आवास पर मुलाकात की थी। हम चाहते थे कि चिराग पासवान हमारे साथ रहते।
पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय लोजपा की नेशनल एग्जीक्यूटिव की बैठक में किया जाएगा। बता दें कि चिराग पासवान को लोजपा की राष्ट्रीय कार्य समिति की एक आपातकालीन बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाने का फैसला किया गया।