लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर पूर्व प्रदेश महासचिव केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्काषित कर दिया गया है। दरअसल, केशव सिंह पर आरोप था कि वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे, जिसके बाद चिराग ने प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज को निर्देश दिया कि सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निष्काषित कर दिया जाए।
केशव सिंह की प्राथमिक सदस्यता भी निलंबित कर दी गई है। लोजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी कृष्णा सिंह लल्लू ने इस बाबत जानकारी दी। गौरतलब है कि पिछले माह केशव सिंह ने लोजपा में टूट की बात कही थी। सिंह ने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी में टूट को लेकर बयान दिया। यही वजह है की पार्टी ने उन्हें निष्काषित किया है।
वहीं, लोजपा से निकाले जाने के बाद केशव सिंह ने पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान को उन्हें निकालने के लिए बधाई देते हुए तंज कसा है। सिंह ने कहा कि चिराग ऐसे ही समर्पित कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालते हुए स्वर्गीय रामविलास पासवान के सपनों को चकनाचूर करें और राजद को मजबूत करते रहें। साथ ही केशव सिंह ने दावा किया जल्द ही पार्टी के चार सांसद और बड़ी संख्या में अन्य नेता मिलकर लोजपा (रामविलास गुट) की स्थापना करने जा रहे हैं।
लोजपा सांसद ने पार्टी में टूट की खबर को बताया झूठा
हालांकि, लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस ने दावा किया कि पार्टी के सभी सांसद राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में एकजुट हैं। पार्टी में मतभेद की खबरें झूठी हैं, किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टी विरोधी ताकतों द्वारा दल में टूट की झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।
लोजपा सांसद ने कहा कि बिहार चुनाव में अकेले लड़ने के फैसले को सभी सांसदों द्वारा मिलकर लिया गया था। पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस बार के चुनाव में पार्टी का जनाधार बढ़ा है। लोजपा अध्यक्ष द्वारा लिए जाने वाले हर निर्णय पर पार्टी के सभी नेता सहमत हैं।