बिहार में राजस्व सेवा से जुड़े अधिकारियों की हड़ताल 52 दिन खत्म हो गई। नई सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद यह हड़ताल खत्म हुई है। बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जनहित और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए सामूहिक अवकाश (हड़ताल) को स्थगित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया है। महासंघ ने बताया कि 9 मार्च 2026 से प्रस्तावित हड़ताल को समाप्त करते हुए सभी अधिकारी 4 मई 2026 से अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे। संगठन ने राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सकारात्मक पहल की उम्मीद जताते हुए कहा कि उनकी 11 सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समयावधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आगे फिर से आंदोलन पर विचार किया जा सकता है।
'राजस्वसेवा के पदाधिकारियों की विधिवत नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी'
संयुक्त मोर्चा यह भी कहा गया कि हमलोगों को विश्वास है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, राजस्व सेवा संवर्ग को सुदृढ़ एवंसशक्त बनाने की दिशा में शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस कदम उठाएगी तथाभूमि सुधार उप समाहर्ता सहित पूर्व में प्रस्तुत 11 सूत्री मांग-पत्र (दिनांक 05.03.2026) पर गंभीरता पूर्वक विचार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। साथ ही, संयुक्त मोर्चा यह अपेक्षा एवं आशा करता है कि मुख्य मांगों के अंतर्गत भूमिसुधार उप समाहर्ता के पद को पूर्णतः प्रशासनिक एवं कार्यात्मक नियंत्रण के लिए राजस्व विभाग के अधीन लाने के संबंध में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सेवा संवर्ग के अंतर्गत अधिसूचित सभी पदों पर बिहार राजस्वसेवा के पदाधिकारियों की विधिवत नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी या प्रभार प्रदान किया जाएगा।
'दो माह के अंदर मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे'