बिहार में चुनाव से पहले ही नए नवेले जनता परिवार के घटकों में रार मचनी शुरू हो गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके सेनापति शरद यादव जहां विलय के लिए पूरे जोर लगा रहे हैं वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की नित नई शर्तें विलय की राह में रोड़े अटका रही हैं।
लालू यादव के नए रुख ने फिर इस विलय के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। लालू यादव ने ट्विटर पर कुछ ऐसा कह दिया है कि इससे राजद और जेडीयू दोनों में फिर तलवारें खिंच सकती हैं।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने पहुंचे। प्रधानमंत्री निवास से बाहर निकलने के बाद उनका खिला चेहरा बता रहा था कि बिहार की राजनीति में जल्द ही कुछ नए गुलशन खिलने की तैयारी में हैं। हालांकि मांझी ने लालू यादव पर भी नया पैतरा फेंक दिया है।