मिट्टी बेचने के आरोपों से घिरने पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा है कि वह संजय गांधी जैविक उद्यान को मुफ्त में गोबर देते हैं, वहां मिट्टी बेचने का सवाल ही नहीं उठता। यह आरोप गलत है। पत्रकारों के सवालों का उत्तर देते हुए लालू ने कहा है कि वह इस बारे में किसी भी जांच को तैयार हैं।
बता दें कि भाजपा नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि लालू परिवार ने अपने मॉल की मिट्टी को अवैध तरीके से अपने ही विभाग को बेच कर 90 लाख रुपये कमाए। उनका दावा है कि जू में मिट्टी की इतनी जरूरत नहीं थी, लेकिन शॉपिंग मॉल की मिट्टी को ठिकाना लगाना था, इसलिए बिना टेंडर खरीद ली गई।
मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है। मोदी के इस आरोप के बाद राजधानी पटना में बन रहा सूबे का सबसे बड़ा मॉल विवादों के घेरे में आ गया है।
मंगलवार को मोदी ने पत्रकारों से कहा कि बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप लगाया था कि रेलवे के रांची और पुरी के दो होटलों को होटल सुजाता के हर्ष कोचर को गलत तरीके से बेच दिया।
इसके बदले में हर्ष कोचर ने पटना में दो एकड़ जमीन डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को एक ही दिन में दस निबंधन के द्वारा ट्रांसफर कर दी थी। इस कंपनी में तत्कालीन कंपनी मामले के मंत्री और राजद के सांसद की पत्नी शरला गुप्ता की 70 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
बाद में इस कंपनी में तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव एवं चंदा यादव को 26 जून 2014 को निदेशक बना दिया गया। पटना की इसी जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाया जा रहा है जिसका निर्माण राजद के सुरसंड के विधायक सैयद अबु दौजाना की कंपनी कर रही है।
सुशील मोदी ने कहा कि मॉल का संबंध लालू प्रसाद के परिवार से है। संजय गांधी जैविक उद्यान पर्यावरण एवं वन विभाग के अन्तर्गत आता है जिसके मंत्री लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप हैं। पटना में बन रहे इस मॉल की दो अंडर ग्राउंड फ्लोर की मिट्टी को बिकवाने के लिए संजय गांधी जैविक उद्यान के सौंदर्यीकरण के नाम पर अनावश्यक रूप से 90 लाख का इस्टीमेट पगडंडी बनाने के नाम पर किया गया।