फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वापसी: चार मिनट के भाषण में लालू का ऑक्सीजन लेवल कम लेकिन पार्टी को दे गए संजीवनी

Mon, 10 May 2021 05:58 AM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, पटना

सार

  • 41 महीने बाद बिहार की राजनीति में लालू यादव की सक्रिय भूमिका
विज्ञापन
लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लंबे अरसे बाद बिहार की राजनीति में लालू की सक्रिय भूमिका का आगाज माना जा रहा है। 41 महीने बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। कोरोना वायरस के बीच राजद अध्यक्ष ने रविवार को अपनी पार्टी के नेताओं के साथ वर्चुअल संवाद किया। 

विज्ञापन


दरअसल बिहार के पड़ोसी राज्य बंगाल के अलावा केरल और तमिलनाडु में हुए हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय के बाद विपक्ष का मनोबल ऊंचा हुआ है। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में भी  भाजपा को जितनी सफलता मिलनी चाहिए थी उतनी नहीं मिलने के कारण विपक्षी दलों का मनोबल सातवें आसमान पर है। एक बार फिर विपक्षी एकता की उम्मीदें जगी हैं। लालू इसके सूत्रधार बन सकते हैं। बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लालू के खराब स्वास्थ्य और उनका ऑक्सीजन लेवल गिरने की जानकारी दी। लालू प्रसाद ने दो-तीन मिनट ही पार्टी नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान राजद की वर्चुअल बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए सजग रहने की अपील पार्टी नेताओं से  किया।

कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार की सियासत में लालू प्रसाद यादव के सक्रिय होने से भाजपा और जदयू  दिक्कत में पड़ सकते हैं।  वीआईपी के मुकेश साहनी के संबंध भी लालू प्रसाद से काफी अच्छे हैं। भले ही तेजस्वी यादव से उनकी बात न बनी हो लेकिन लालू प्रसाद से आज भी उनकी करीबी मानी जाती है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि बंगाल में भाजपा की हार का फायदा बिहार में लालू प्रसाद उठा  सकते हैं। एआईएमआईएम, जीतन राम मांझी की पार्टी हम और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी को साथ लाने की लालू कोशिश कर सकते हैं। वीआईपी और हम  विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजद के साथ ही थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें