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मोदी के कटाक्ष पर 'दार्शनिक' हो गए लालू

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भागलपुर में हुई परिवर्तन रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां लालू और नीतीश की जोड़ी को निशाने पर रखा और एक के बाद एक वार किए। मोदी ने लालू नीतीश पर सत्ता के लिए जेपी और लोहियाा के आदर्शों से समझौता करने का आरोप लगाया तो नीतीश लालू ने भी पलटवार में देर नहीं की।
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मोदी के आरोपों का पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने ट्वीट कर जवाब दिया। लालू ने मोदी को पीएम पद की गरिमा याद दिलाते हुए कहा कि 'मोदीजी की बातों से चुनाव घोषणा से पहले ही हार जाने का भाव था, ध्यान रहे आत्ममुग्ध प्रधानमंत्रीजी! पद की गरिमा पद से बड़ी होती है।'

PM साहब, कद्र किरदार की होती है वरना कद मे तो साया भी इंसान से बङा होता है। लालू यहीं नहीं रुके, कहा 'बात करने से पूर्व आंकड़े समझ लेते तो अच्छा था, बिहार आंकड़ों की सारी परत खोलकर देख लेता है।
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मोदीजी की बातों से चुनाव घोषणा से पहले ही हार जाने का भाव था.ध्यान रहे आत्ममुग्ध प्रधानमंत्रीजी! पद की गरिमा पद से बड़ी होती है.— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 1, 2015

नीतीश ने कहा रैली में तथ्य नहीं सिर्फ 'मैं-मैं' सुनाई दिया

नेतृत्व, विकास के बदले कई बोरी ‘मैं वाद’ छोड़ गए। जेपी और लोहिया का साथ छोड़ने के सवाल पर जवाब दिया कि 'हम 70 के दशक में अधिनायकवाद के खिलाफ एक साथ आये थे और आज भी इमरजेंसी वाले हालात हैं इसलिए साथ हैं। इतिहास पढ़िए या पूछिए आडवाणी जी के दिल से।'

वहीं लालू के जोड़ीदार और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मोदी की आलोचना करते हुए कहा, ''मोदीजी को बिहार की याद भी आती है, इस पर कम से कम उन्होंने कुछ बोला तो। जो बोला उसमे तथ्य तो कुछ था नहीं पर सुनाई पड़ा -  मैं मैं....केवल मैं।''

वहीं जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने पटना रैली को तिलांजलि सभा कहने पर कहा कि यह तिलांजलि सभा नहीं भाजपा की श्रद्धाजंलि सभा थी। जिसके बाद बिहार में भाजपा का कोई अस्तित्व नहीं बचेगा।
मोदीजी को बिहार की याद भी आती है, इस पर कम से कम उन्होंने कुछ बोला तो.जो बोला उसमे तथ्य तो कुछ था नहीं पर सुनाई पड़ा - मैं मैं....केवल मैं— Nitish Kumar (@NitishKumar) September 1, 2015
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अगले पांच सालों में बिहार के लिए बनाया सात सूत्रीय कार्यक्रम

वहीं नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के इस आरोप कि पटना रैली में केवल मोदी विरोध की बातें हुई विकास की नहीं पर अपने सात सूत्रीय एजेंडे को फिर दोहरा दिया। पटना में प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए नीतीश ने कहा कि उनकी सरकार चुनाव जीतती है तो अगले पांच सालों में सात सूत्रीय एजेंडे पर काम करेगी।

जिनमें 2016 तक हर घर में बिजली पहुंचाई जाएगी। जिसके कनेक्‍शन के लिए किसी व्यक्ति से कोई खर्चा नहीं लिया जाएगा। सरकार खुद कनेक्‍शन देगी। पांच साल में हर घर तक पानी पहुंचेगा। गांवों में सभी रास्ते पक्के करवाए जाएंगे।

नए स्कूल कालेज खोले जाएंगे। नए स्वास्‍थ्य केन्द्र बनाए जाएंगे और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। नीतीश ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वो 87 फीसदी पुरानी योजनाओं की ही री पैकेजिंग कर करके बिहार की जनता को दिखा रहे हैं।
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