जदयू और भाजपा में अलगाव के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दोनों दलों के नेताओं पर आलोचना करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
राजद अध्यक्ष ने बिहार बंद के दौरान भाजपा-जदयू कार्यकर्ताओं के बीच झड़प पर व्यंग्य करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने पहले दोनों पार्टियों की 'रासलीला' देखी, अब सड़क पर 'रामलीला' देख रही है।
लालू ने कहा कि उनकी पार्टी पर लोग 'जंगल राज' का आरोप लगाते थे लेकिन आज जो कुछ हुआ उसे सभी ने देख लिया है।
'शरद नहीं चाहते थे गिरफ्तार हों आडवाणी'
पटना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लालू प्रसाद यादव ने कहा, '1990 में शरद यादव ने उन्हें लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार करने से रोकने की कोशिश की थी। हालांकि मैंने आडवाणी को गिरफ्तार किया।'
लालू ने शरद यादव से सवाल दागा कि वे स्पष्ट करें उन्होंने आडवाणी को गिरफ्तार करने से रोका था या नहीं।
लालू ने कहा कि शरद यादव के आडवाणी के संदर्भ में ताजा बयान से धर्मनिरपेक्षता का उनका ढोंग लोगों के सामने आ गया है।
उल्लेखनीय है कि शरद यादव ने कहा था कि यदि भाजपा लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मान लें तो उनकी पार्टी फिर से भाजपा के साथ जाने को तैयार है।