चारा घोटाला और बेनामी संपत्ति मामले में कोर्ट के कसते शिकंजे से बचने के लिए बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने भगवान के चरणों में शरण ले ली है। सोमवार सुबह लालू और उनके पूरे परिवार ने भगावन शिव का रुद्राभिषेक किया। इस पूजा का आयोजन राबड़ी देवी के बंगले पर सुबह 4 बजे हुआ। पूजा अर्चना का कार्यक्रम 4 बजे से शुरू होकर सुबह 7 बजे तक चला।
सूत्र के अनुसार पूजा कराने के लिए चार पुजारियों को बुलाया गया था। इस पूजा में लालू के घर के दो अन्य पुजारी भी शामिल हुए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार लालू प्रसाद यादव के एक करीबी ने बताया कि लालू हर साल सावन के महीने में रुद्राभिषेक कराते हैं, लेकिन इस बार की पूजा ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस वक्त उनका पूरा परिवार समस्याओं के घिरा हुआ है।
गौरतलब है कि 17 जून को तेजस्वी यादव ने भी रुद्राभिषेक किया था। तेजस्वी यादव ने हरीहरनाथ मंदिर में पूजा की थी, जो पटना से 15 किमी दूर सोनेपुर में स्थित है। इसके अगले दिन तेज प्रताप यादव भी उसी मंदिर में रुद्राभिषेक के लिए पहुंचे।
सूत्रों की माने तो तेज प्रताप भगवान कृष्ण के भगत हैं, लेकिन कुछ दिनों से उन्होंने गले में रुद्राक्ष की माला धारण कर रखी है। वहीं कुछ दिनों पहले उन्होंने दुश्मन मरण जाप भी कराया था।