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निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई: लखीसराय में 28 हजार रुपये रिश्वत लेते बीपीआरओ गिरफ्तार, कार्यालय से ही दबोचा

Tue, 15 Sep 2026 04:25 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय

सार

लखीसराय के चानन प्रखंड में निगरानी विभाग की टीम ने बीपीआरओ ब्रजेश कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई मंगलवार को चानन प्रखंड कार्यालय में की गई। ब्रजेश कुमार मूल रूप से हलसी प्रखंड में पदस्थापित हैं और चानन का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
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निगरानी टीम ने बीपीआरओ को पकड़ा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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निगरानी विभाग की टीम ने चानन प्रखंड के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) ब्रजेश कुमार को मंगलवार को उनके कार्यालय से 28 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी मूल रूप से हलसी प्रखंड में पदस्थापित हैं और वर्तमान में चानन प्रखंड के अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत थे।
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सोलर लाइट के भुगतान के लिए मांगी थी घूस
निगरानी विभाग की टीम ने चानन प्रखंड कार्यालय में कार्रवाई करते हुए बीपीआरओ ब्रजेश कुमार को 28 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ पकड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, 15वीं वित्त आयोग की योजना के तहत पंचायतों में सोलर लाइट लगाने का कार्य कराया गया था। इस योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों के बकाया भुगतान के एवज में अधिकारी द्वारा कमीशन की मांग की जा रही थी। कमीशन मांगने की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामला दर्ज कर योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई पूरी की।
 
मुखिया से विवाद और शिकायत
बीपीआरओ ब्रजेश कुमार का महेशलेटा पंचायत के मुखिया के साथ भी विवाद चलने की चर्चा लंबे समय से हो रही है। इस विवाद से संबंधित शिकायत पूर्व में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) तक भी पहुंच चुकी थी। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के पीछे महेशलेटा पंचायत के मुखिया पति राम नारायण साव उर्फ पप्पू साव द्वारा दिए गए आवेदन को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि निगरानी कार्रवाई के वास्तविक कारण और शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
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बीपीआरओ को साथ ले गई टीम
निगरानी विभाग की टीम आरोपी बीपीआरओ को गिरफ्तार करने के बाद अपने साथ ले गई है। विभाग की ओर से इस पूरी कार्रवाई और शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपी से गहन पूछताछ के बाद ही पू प्रकरण की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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