सहरसा जिले में सोमवार को दो अलग-अलग हादसों में दो नाबालिगों की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घटनाओं से इलाके में मातम छा गया है। पहली घटना में अंतिम संस्कार से लौट रहे बच्चों से भरा ट्रैक्टर पलट गया, वहीं दूसरी घटना में छठ घाट की सफाई करते समय एक किशोर की तालाब में डूबने से मौत हो गई।
पहला हादसा: अंतिम संस्कार से लौटते समय पलटा ट्रैक्टर
पहली दुर्घटना बख्तियारपुर पुलिस सर्किल क्षेत्र के चिड़ैया थाना अंतर्गत चिड़ैया और चिकनी टोला के बीच सोमवार को हुई। बताया जाता है कि गांव के कुछ बच्चे एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर गए थे। वापसी के दौरान ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया।
इस हादसे में 12 वर्षीय रामयतन सादा, पिता छगुली सादा, निवासी चिड़ैया थाना क्षेत्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ट्रैक्टर पर सवार अन्य पांच बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में देशराज सादा (10 वर्ष), किसन सादा (13 वर्ष), मुसबार कुमार (10 वर्ष), सूर्यदेव कुमार (6 वर्ष) और लवकुश कुमार (8 वर्ष) शामिल हैं। सभी बच्चों को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मृतक बच्चे के मामा सिंटू सादा का बीमारी से निधन हो गया था। सभी बच्चे उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गए थे। घटना की पुष्टि करते हुए चिड़ैया थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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दूसरा हादसा: छठ घाट की सफाई के दौरान तालाब में डूबा किशोर
दूसरी घटना बलवाहाट थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में सोमवार की दोपहर घटी। छठ महापर्व को लेकर घाट की सफाई और सजावट का कार्य चल रहा था। इसी दौरान 15 वर्षीय प्रियांशु कुमार, पिता स्वर्गीय दीना प्रसाद सिंह, सफाई करते समय तालाब में फिसलकर गिर गया और गहरे पानी में डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे बाहर निकाला और सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश के बावजूद मृत घोषित कर दिया।
इस घटना से परिवार और पूरे गांव में कोहराम मच गया। बलवाहाट थानाध्यक्ष राजू कुमार ने बताया कि किशोर की मौत डूबने से हुई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों घटनाओं ने सहरसा जिले में छठ पर्व की खुशियों को मातम में बदल दिया है। परिवारजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।