बिहार के सुपौल जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने मंगलवार रात दो अलग-अलग कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल की। पहली कार्रवाई में नेपाल ले जाए जा रहे 100 हाई-फ्रिक्वेंसी वायरलेस संचार उपकरण (वॉकी-टॉकी और टू-वे पोर्टेबल रेडियो) जब्त किए गए और एक नेपाली युवक को गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरी कार्रवाई में 2.63 लाख नेपाली मुद्रा के साथ दो लोगों को पकड़ा गया। वायरलेस उपकरणों की बड़ी खेप मिलने के बाद NIA समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियों को भी जांच के लिए अलर्ट किया गया है।
नियोर सीमा चौकी पर पकड़ी गई वायरलेस सेट की बड़ी खेप
एसएसबी ने मंगलवार रात नियोर सीमा चौकी के पास नेपाल की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो (AS-01-AV-7949) को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन से दो कार्टन में रखे 50 वॉकी-टॉकी और 50 टू-वे पोर्टेबल रेडियो, यानी कुल 100 वायरलेस संचार उपकरण बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान एसएसबी ने माहेश्वरी ट्रेडर्स, चांदनी चौक, नई दिल्ली की ओर से जारी बिक्री बिल और कुरियर स्लिप भी बरामद की। यह पार्सल महावीर इलेक्ट्रॉनिक, कुनौली के नाम भेजा गया था।
दिल्ली से कुरियर के जरिए कुनौली पहुंचा था सामान
एसएसबी की शुरुआती जांच में सामने आया कि वायरलेस सेट दिल्ली से कुरियर के जरिए पहले सुपौल के कुनौली पहुंचे थे। इसके बाद इन्हें स्कॉर्पियो से नेपाल ले जाया जा रहा था। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान नेपाल के सप्तरी जिले के सखरा थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी देवानंद मिश्रा के रूप में बताई। उसने बताया कि नेपाल तक कार्टन पहुंचाने के बदले उसे एक हजार रुपये मिलने वाले थे। हालांकि, उसके पास इन वायरलेस उपकरणों को ले जाने का कोई वैध अनुमति पत्र नहीं मिला। इसके बाद एसएसबी ने चालक को गिरफ्तार कर लिया और जब्त सामान के साथ डगमारा थाना पुलिस को सौंप दिया।
NIA समेत केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई सूचना
एसएसबी 45वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में हाई-फ्रिक्वेंसी वायरलेस उपकरणों की बरामदगी सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है। इसे देखते हुए NIA समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियों को जांच के लिए सूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और क्या इसके पीछे कोई संगठित आतंकी नेटवर्क या बड़ी आपराधिक साजिश है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतने संवेदनशील उपकरण कुरियर के जरिए सीमा क्षेत्र तक कैसे पहुंचे।
21 जुलाई को भी मिला था वॉकी-टॉकी
एसएसबी ने बताया कि इससे पहले 21 जुलाई को भी एक तस्कर के पास से वॉकी-टॉकी बरामद किया गया था। एसएसबी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंगलवार को इतनी बड़ी संख्या में वायरलेस उपकरणों की बरामदगी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मामला है और यह किसी बड़ी साजिश की ओर भी इशारा कर सकता है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आपराधिक तत्व कुरियर के जरिए ऐसे विशेष उपकरण मंगा रहे हैं। इस पूरे मामले में अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि तस्करों ने इन उपकरणों को किसी अन्य सामान के नाम पर बॉर्डर तक कैसे मंगाया और इसमें कुरियर कंपनी की क्या भूमिका रही।
दूसरी कार्रवाई में 2.63 लाख नेपाली मुद्रा के साथ दो गिरफ्तार
कटैया सीमा चौकी के पास मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे एसएसबी ने नेपाल से भारत की ओर आ रहे दो लोगों को संदेह के आधार पर रोककर जांच की। तलाशी के दौरान उनके पास से 2.63 लाख नेपाली मुद्रा बरामद हुई। पूछताछ में एक व्यक्ति ने अपना नाम रविंद्र यादव बताया। मुद्रा से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलने और संतोषजनक जवाब नहीं देने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुद्रा और साइकिल कस्टम विभाग को सौंपी गई
एसएसबी कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से बरामद नेपाली मुद्रा, उनकी साइकिल और अन्य सामान जब्त कर भीमनगर कस्टम कार्यालय को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरक्षी मंटू पॉल, मुख्य आरक्षी अनिल सिंह तोमर समेत एसएसबी के अन्य जवान मौजूद थे।