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Bihar News: लापरवाही की हद! प्रसव वार्ड के बाहर खुले में नवजात को दिया जन्म, चुस्की लेते रहे स्वास्थ्यकर्मी

Sat, 16 Nov 2024 05:57 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Saharsa News: मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि गर्भवती महिला को वार्ड में भर्ती करने के बजाय नर्सों ने उसे टहलाने की सलाह दी। इस दौरान जब महिला दर्द से कराह रही थी, नर्सों ने उसकी अनदेखी की और प्रसव वार्ड के बाहर ही नवजात का जन्म हो गया।
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अस्पतालकर्मियों की लापरवाही से खुले मैदान में हो गया बच्चे का जन्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहरसा का सदर अस्पताल राज्य का पहला मॉडल अस्पताल है। यह अपनी लचर व्यवस्था और मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं के कारण एक बार फिर सुर्खियों में है। ताजा मामला अस्पताल के प्रसव वार्ड का है, जहां ड्यूटी पर तैनात नर्सों की लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला ने अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे बच्चे को जन्म दिया। 

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खुले मैदान में बच्चे का जन्म
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह की इस घटना में प्रसव पीड़िता दर्द से कराह रही थी। परिजन उसे प्रसव वार्ड लेकर पहुंचे। लेकिन वहां मौजूद नर्सों ने महिला की हालत पर ध्यान देने के बजाय उसे टहलाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। 
 
इसके बाद प्रसव वार्ड में जगह न होने और नर्सों की लापरवाही के कारण महिला ने वार्ड के सामने खुले मैदान में बच्चे को जन्म दिया। घटना के समय नर्सें वार्ड में मौजूद थीं और चाय की चुस्कियों में व्यस्त थीं। जब लोगों ने नर्सों से सवाल किया, तो उन्होंने आशा कार्यकर्ता और परिजनों पर ही लापरवाही का आरोप मढ़ दिया। 
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प्रसव पीड़िता के परिजनों का आरोप
मरीज के परिजनों का कहना है कि गर्भवती महिला को वार्ड में भर्ती करने के बजाय नर्सों ने उसे टहलाने की सलाह दी। इस दौरान जब महिला दर्द से कराह रही थी, नर्सों ने उसकी अनदेखी की और प्रसव वार्ड के बाहर ही नवजात का जन्म हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि नर्सें अपने कर्तव्यों के प्रति संवेदनहीन हैं और अक्सर पैसे की मांग करती हैं। 
 
अस्पताल की लचर व्यवस्था
सदर अस्पताल में पहले भी प्रसव वार्ड में लापरवाही और दलालों के कब्जे की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दरअसल, कुछ दिनों पहले डीएम वैभव चौधरी ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें कई डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए थे। पूर्व डीएम आनंद शर्मा ने भी छापामारी में दलालों को चिन्हित किया था। इसके अलावा अस्पताल में अक्सर प्रसव के मामलों में मरीजों से अवैध पैसे की मांग की जाती है। 
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प्रशासन का ऐसा है रवैया
अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी से घटना पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनका कॉल नहीं उठा। वहीं, इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने नर्सों और अस्पताल कर्मियों के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना की कड़ी निंदा की।

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