बिहार के सहरसा जिले में शनिवार को एक पुराने जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। काशनगर थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव में हंगामे की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची तो उन्हें उग्र भीड़ का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला किया और डायल 112 की गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
रातों-रात दीवार निर्माण से भड़का गुस्सा
जानकारी के अनुसार, शिवपुर गांव के रहने वाले संजय पोद्दार और शिक्षक दानी उर्फ कमलेश्वरी पोद्दार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बीते गुरुवार को इसी विवाद में कहासुनी और मारपीट हुई थी, जिसमें संजय पोद्दार और उनका बेटा घायल हो गए थे। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की रात दानी पोद्दार ने विवादित जमीन पर रातों-रात दीवार खड़ी कर दी और निर्माण कार्य शुरू कर दिया। शनिवार सुबह जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, तो उनका गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने निर्माणाधीन दीवार को ढाह दिया।
पुलिस पहुंची, भीड़ ने किया पथराव
घटना की सूचना मिलने पर सबसे पहले डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही ग्रामीण उग्र हो गए और विरोध शुरू कर दिया। भीड़ ने बांस, बल्ले और ईंट-पत्थरों से पुलिस पर हमला किया। इसके बाद काशनगर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन डायल 112 की गाड़ी का पीछे का शीशा तोड़ दिया गया। इस हमले में दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए।
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होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस पर हमले की सूचना मिलते ही पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। सोनवर्षाराज के थानाध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी और बसनही थानाध्यक्ष विकास कुमार दल-बल के साथ गांव पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। मामले में छापेमारी जारी है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पर हमला करने वाले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।