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Bihar News: छात्राओं का नहाते हुए वीडियो बनाने के आरोप में विद्यालय के संचालक कार्यमुक्त, डीपीओ ने की कार्रवाई

Tue, 18 Mar 2025 12:54 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा

सार

छात्राओं ने संचालक पर सोते और नहाते समय वीडियो बनाने, राशन रोकने, स्वास्थ्य जांच पंजी व आवागमन पंजी संधारित न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जांच के बाद डीपीओ ने आरोपी संचालक पर बड़ी कार्रवाई की है।
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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय उदाकिशुनगंज
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विस्तार
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मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के संचालक सह मध्य विद्यालय बालक के प्रधानाध्यापक संजय कुमार प्रताप को गंभीर आरोपों के बाद पद से हटा दिया गया है। छात्राओं ने उनके खिलाफ अनुचित गतिविधियों के आरोप लगाए थे, जिनकी जांच के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि विद्यालय की वरीय शिक्षिका कुमारी शोभा साहु और सहायक शिक्षिका को दोनों विद्यालयों का संपूर्ण प्रभार सौंपा जाए। आदेश पत्र मिलते ही विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी वरीय शिक्षिका को सौंप दी गई। वहीं संजय कुमार प्रताप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश करार देते हुए खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफा कार्रवाई की गई है।

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छात्राओं ने लगाए थे गंभीर आरोप
छात्राओं ने संचालक पर सोते और नहाते समय वीडियो बनाने, राशन रोकने, स्वास्थ्य जांच पंजी व आवागमन पंजी संधारित न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में यह भी पाया गया कि विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति निर्धारित मानक से कम थी, नए नामांकन नहीं हो रहे थे और विद्यालय में अनुशासनहीनता बढ़ रही थी। इसके अलावा संजय कुमार प्रताप पर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, मनमानी, लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप भी साबित हुए। जांच समिति ने इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया।

छात्रा से अभद्रता को लेकर विधायक ने भी उठाया था मामला

बताया गया कि गत 27 जनवरी को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उदाकिशुनगंज की स्थलीय जांच की गई। जांच टीम में बीईओ निर्मला कुमारी, संभाग प्रभारी कुमार राजीव रंजन, लेखापाल राहुल कुमार, प्रखंड संसाधन केंद्र मुरलीगंज की बीपीएम प्रतिभा मिश्रा, प्रखंड संसाधन केन्द्र मुरलीगंज के लेखापाल सौरभ कुमार शामिल थे। जांच में कुल नामांकित छात्राओं के विरुद्ध मात्र 46 छात्राएं भौतिक रुप से उपस्थित पाई गई। निरीक्षण के समय संचालक-सह-प्रधानाध्यापक, वार्डेन, लेखापाल एवं एक अंशकालिक शिक्षिका, दो रसोईया उपस्थित मिली थी। जांच में साफ-सफाई संतोषप्रद नहीं मिली। जल निकासी की व्यवस्था नहीं थी। छात्राओं के स्वास्थ्य जांच संबंधी पंजी उपलब्ध नहीं थी। कक्षा आठ की छात्रा के साथ अभद्रता और प्रताड़ित करने को लेकर विधायक ने सवाल उठाया था। मामले में शिक्षा विभाग के अपर सचिव से शिकायत की गई थी। उसके बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में गड़बड़ी का मामला सामने आया।
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