लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' रविवार को बिहार के सुपौल लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। दोपहर में युवाओं से चर्चा में लोकसभा क्षेत्र के मुद्दे समझे गए। वहीं, अब नेताओं से चर्चा की जा रही है जहां वे बता रहे हैं कि वे किन-किन एजेंडे को लेकर मतदाताओं के बीच वोट मांगने जा रहे हैं।
'हर चुनाव में कोसी मुद्दा रहता है, लेकिन...'
सुपौल के गांधी मैदान में अमर उजाला से बातचीत करते हुए एक समाजसेवी ने आम लोगों के मुद्दों को लेकर बताया कि सुपौल में तो हर चुनाव में कोसी ही मुद्दा रहता है। लेकिन चुनाव आते-आते फिर जाति और धर्म पर अटक जाते हैं, यही स्थिति हर चुनाव में होती है। उन्होंने कहा कि इस बार की स्थिति देखें तो एनडीए वाले धर्म और राष्ट्र का मुद्दा बना रहे हैं। जबकि इंडिया गठबंधन के साथी बेरोजगारी और शिक्षा को मुद्दा बना रहे हैं। निश्चित तौर पर रोजगार का मुद्दा सब पर हावी दिख रहा है।
'2047 तक इंतजार करने को तैयार नहीं हैं लोग'
एनडीए के वर्ष 2047 में विकसित भारत होने के दावे पर उन्होंने कहा कि वह 2047 की बात कर रहे हैं, लेकिन लोग 2047 तक इंतजार करने के लिए तैयार नहीं हैं। लोग सीधे तौर पर दस साल में उनके (केंद्र सरकार) के क्रियाकलाप हुए हैं, उसके सकारात्मक और नकारात्मक काम हुए हैं दोनों स्थिति पर तुलना कर रहे हैं।
'मौजूदा सांसद कहीं भी दर्शन नहीं दे रहे'
आरजेडी प्रवक्ता दिनेश प्रताप यादव ने कहा कि विगत पांच वर्षों में दिलेश्वर कामैत जी न तो क्षेत्र में नजर आए और न ही संसद में। वह कहीं भी दर्शन नहीं दे रहे हैं। विकास की बात करें तो भारत सरकार के रेल विभाग ने एक भी रेल सुपौल, भपटियाही और राघोपुर क्षेत्र से पटना और दिल्ली के लिए शुरू नहीं की। जब वह हमारे महागठबंधन में थे तो हमने खुद उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि माननीय आप यहां से तो रेल की सुविधा कराइए। विकास मद का फंड भी खर्च नहीं कर पाए, वह नकारात्मक सोच रखते हैं। उनको आम जनता से मतलब ही नहीं है।
'सरकार पूरा का पूरा रोजगार नहीं दे सकती'
विपक्षी नेताओं के सवालों पर जदयू नेता अभय कुमार मिश्रा ने कहा कि हमारे पास वर्ष 2047 तक का विजन है, जो कि विकसित भारत है। हम लोग युवाओं को तरक्की के रास्ते पर ले जाएंगे। उन्होंने दावा कर कहा कि हमारी सरकार हर सेक्टर (सरकारी और प्राइवेट) में रोजगार दे रही है। सरकारी सेक्टर में पूरा का पूरा रोजगार नहीं दे सकती है कभी भी। हमारी सरकार (मोदी सरकार) ने महिलाओं, पिछड़ों, हरिजनों और आदिवासियों को आर्थिक बल और संरक्षण देने का काम कर रही है। हमारे मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) इसमें चार कदम मिलाकर आगे चल रहे हैं। हमने सुपौल जिले में विकास किया है, साफ सुथरी सड़कें हैं और शहर को रेल हेड से जोड़ा गया है।