सहरसा जिले में एक बार फिर अपराधियों ने बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया है। सोमवार की शाम करीब 40 वर्षीय मृत्युंजय कुमार, जो जमुई जिले में माइनिंग डिपार्टमेंट में डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, बिहरा थाना क्षेत्र के सत्तर गांव निवासी मृत्युंजय कुमार बीते शनिवार को छुट्टी पर अपने गांव आए थे। सोमवार को वह अपनी बाइक से गांव से सहरसा नगर निगम स्थित अपने मकान संत नगर मोहल्ले में वापस जा रहे थे। जैसे ही वह गौबरगढ़ा नन्दलाली मुख्य मार्ग पर पहुंचे, पीछे से एक बाइक पर सवार दो अज्ञात अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने मृत्युंजय के पेट में दो गोलियां मारी और मौके से फरार हो गए।
ऑपरेशन जारी
गोली लगने के बाद मृत्युंजय कुमार जख्मी हालत में सड़क पर पड़े रहे। राहगीरों की नजर पड़ते ही उन्हें तुरंत इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायल मृत्युंजय के पेट में दो गोलियां लगी हैं। इसमें एक गोली शरीर से आर-पार हो गई, जबकि दूसरी गोली पेट के अंदर ही फंसी रह गई है। डॉक्टरों की टीम ऑपरेशन कर फंसी गोली निकालने में जुटी हुई है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों को भी नहीं पता वजह घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि मृत्युंजय को गोली क्यों मारी गई। उनका किसी से कोई विवाद नहीं था।
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एफएसएल टीम जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहरसा सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एसडीपीओ ने बताया कि घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि जख्मी अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए गोलीबारी के मकसद का पता नहीं चल पाया है।