फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: सिविल सर्जन पर गिरी गाज, भ्रष्टाचार के आरोप में डॉ. विजय कुमार निलंबित; अब यहां होगा मुख्यालय

Fri, 18 Sep 2026 10:21 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा

सार

मधेपुरा के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार को स्वास्थ्य विभाग ने भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर सील किए गए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को दोबारा खुलवाने के लिए राशि लेने का आरोप है।
विज्ञापन
निलंबित सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मधेपुरा के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार को स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और सील किए गए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को अनधिकृत रूप से खुलवाने के लिए राशि लेने के आरोप हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।

मधेपुरा के डीएम की ओर से डॉ. विजय कुमार के विरुद्ध विभाग को भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराए गए थे। निजी नर्सिंग होम की जांच और लाइसेंस के नाम पर अवैध राशि के लेन-देन से संबंधित वायरल वीडियो की भी जांच कराई गई। इसके बाद मामले में कार्रवाई की गई।

डीएम ने जांच के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। रिपोर्ट में डॉ. विजय कुमार का आचरण भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में पाए जाने की बात कही गई है। विभाग ने इसे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।

अधिसूचना में कहा गया है कि सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को पूर्व में सील करने का निर्देश दिया गया था। आरोप है कि निर्धारित निर्देश से अलग जाकर गलत मंशा से अस्पताल की सील खोलने का आदेश दिया गया। अस्पताल को दोबारा खुलवाने के लिए राशि लेने का आरोप भी जांच के दौरान सामने आया।

मुख्यालय पटना निर्धारित किया गया

विज्ञापन

दरअसल, सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद रुपये के लिए परिजनों को बंधक बना लिया गया था। मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद अस्पताल को सील करने का निर्देश दिया गया था। सीएस डॉ. विजय कुमार ने ही इस अस्पताल को सील किया था, लेकिन कुछ ही दिन बाद अस्पताल को खोल दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. विजय कुमार को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पटना निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें- बिहार: पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला, पथराव में वाहन का शीशा टूटा; ASI घायल उपचार जारी

करीब एक महीने पहले सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का कथित तौर पर नकद रुपये लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद मधेपुरा डीएम ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी, जिसके बाद रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई।

बता दें कि एक महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर युवाओं ने चार दिन पहले अस्पताल परिसर में प्रदर्शन भी किया था। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि डॉ. विजय कुमार के विरुद्ध आरोपों की विस्तृत जांच के लिए अलग से विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें