Bihar: सहरसा पुलिस को कनरिया गोलीकांड में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 72 घंटे के अल्टीमेटम के भीतर ही मुख्य आरोपी को हथियार के साथ दबोच लिया है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
सहरसा जिले के कनरिया थाना क्षेत्र में हुए चर्चित घनश्याम चौधरी गोलीकांड का पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी बरामद हुआ है।
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क्या था पूरा मामला?
बीते 24 दिसंबर 2025 की शाम कठडुमर मुरली डीह इलाके में अपराधियों ने रामनगर के रहने वाले घनश्याम चौधरी को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल घनश्याम का इलाज सहरसा सदर अस्पताल में चल रहा है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद कनरिया थाने में बीएनएस की धारा और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
बथान से मिला 'मौत का सामान'
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी मनीष कुमार (निवासी मुरलीडीह) ने कड़ाई से पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि गोली मारने के बाद उसने हथियार अपने बथान (पशुशाला) में छिपा दिया था। पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर वह देसी कट्टा बरामद कर लिया है।
ऐसे मिली पुलिस को सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने डीएसपी (मुख्यालय-2) कमलेश्वर प्रसाद सिंह और इंस्पेक्टर मो. शुजाउद्दीन के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई थी। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचनाओं का जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया। सोमवार को बख्तियारपुर थाना में डीएसपी कमलेश्वरी प्रसाद सिंह ने प्रेस वार्ता कर पुरे मामले का खुलासा किया है। इस सफल ऑपरेशन में कनरिया थानाध्यक्ष गुंजन कुमार और एसआई रंजय कुमार सिंह की भूमिका अहम रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को अलग से पुरस्कृत करने की अनुशंसा की है।