सार
Bihar News: सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में किराए के मकान में छिपे 25 हजार के इनामी कुख्यात दीपक कुमार उर्फ दीपक यादव को एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। आरोपी पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 11 संगीन मामले दर्ज हैं और वह 7 मामलों में फरार चल रहा था।
बिहार के सहरसा में पुलिस और एसटीएफ की टीम को अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी दीपक कुमार उर्फ दीपक यादव को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया है। वह पुलिस से बचने के लिए सदर थाना क्षेत्र में किराए के मकान में छिपा हुआ था।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
एसपी हिमांशु के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों के खिलाफ विशेष धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि बलुआहा बैजनाथपट्टी (वार्ड 03) का रहने वाला कुख्यात दीपक यादव नया बाजार के सराही टोला स्थित एक किराए के कमरे में ठहरा है। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से इलाके की घेराबंदी की और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कमरे की तलाशी में दंग रह गई पुलिस
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने दीपक के कमरे की विधिवत तलाशी ली, तो वहां हथियारों का जखीरा मिला। पुलिस ने मौके से 02 देशी कट्टा, 01 देशी पिस्टल, 01 मैगजीन, 08 जिंदा गोलियां, गाड़ियों की डिक्की तोड़ने वाले 02 नुकीले औजार तथा 02 मोबाइल फोन बरामद किए। इस संबंध में सदर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
7 मामलों में वांटेड, 11 गंभीर केस दर्ज
कुख्यात दीपक का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ सहरसा सदर, सौरबाजार, बैजनाथपुर, बिहरा और सिमरी बख्तियारपुर थानों में आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत कुल 11 संगीन मामले दर्ज हैं। वर्तमान में वह 7 गंभीर मामलों में फरार चल रहा था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से जिले की कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और कई लंबित मामलों के खुलासे की संभावना है।
ये भी पढ़ें:
घटिया निर्माण से खफा डिप्टी मेयर ने तोड़ी दीवार, वीडियो वायरल; बोलीं-धरने पर बैठेंगी
ऑपरेशन में ये अधिकारी रहे शामिल
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, साइबर थाना डीएसपी सह थानाध्यक्ष अजीत कुमार, सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार, एसआई जितेंद्र ठाकुर, एसआई रूपा कुमारी सहित एसटीएफ और सदर थाने के सशस्त्र जवान शामिल रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी जारी रहेगी।