नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कोई भी बयान देने में सोचना चाहिए। उसे बोलने में परहेज रखना चाहिए। उक्त बातें गुरुवार को बीस सूत्री बैठक में भाग लेने पहुंचे सहरसा जिले के प्रभारी मंत्री सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के बारे में जो बयान दिया है, वह अत्यंत दुखद है। जीतनराम मांझी नेता प्रतिपक्ष के पिता की उम्र के हैं। नेता प्रतिपक्ष को संस्कार भी सीखना चाहिए। उन्होंने जिस तरह जीतनराम मांझी के जाति पर बात कही है, यदि मांझी जी एससी-एसटी कोर्ट चले जाएंगे तो उन्हें जमानत मिलना मुश्किल हो जाएगा। ये तो जीतनराम मांझी की महानता है, जो उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।
दिलीप जायसवाल ने कहा, नेता प्रतिपक्ष ने शब्दों की मर्यादा को लांघा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी ने किस परिवेश में वो बात कही थी, वह स्पष्ट कर चुके हैं। अब उस बात पर विवाद नहीं होना चाहिए। इससे पहले मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सह प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिला अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के नियमित निरीक्षण एवं उपलब्ध संसाधनों में और सुधार हेतु आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही महादलित टोलों में अवस्थित विद्यालयों में बच्चों की अधिकाधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु अभिभावक से शिक्षा ग्रहण हेतु जागरुकता संवाद की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग समीक्षा के क्रम में अधिकाधिक पौधे के उत्तरजीविता सुनिश्चित करने एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजनों में जागरुकता हेतु आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। श्रम संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक बाल श्रम में संलग्न 12 बच्चों को विमुक्त कराते हुए संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अर्थदंड के रूप में प्राप्त एक लाख साठ हजार रुपये को संबंधित सरकारी शीर्ष में जमा करा दिया गया है। श्रम अधीक्षक को प्रखंडवार निबंधन हेतु आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदनों के विरुद्ध निष्पादित, अनिष्पादित आवेदन संबंधित प्रतिवेदन तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में शहरी क्षेत्र अंतर्गत बुडको द्वारा संचालित नल जल योजना के अक्रियाशील होने के संबंध में जानकारी मिली, जिसके कारण गहरी नाराजगी व्यक्त की गई एवं कार्यपालक अभियंता, बुडको को आगामी दस दिनों में नल जल योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु ठोस कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। ओकाही चोरमा चैनल में जलजमाव की समस्या के निवारण हेतु कार्यपालक अभियंता, लघु जल संसाधन, सिंचाई प्रमंडल एवं लघु सिंचाई प्रमंडल पर्येवक्षण पश्चात यथोचित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।