मॉक ड्रिल के जरिए परखी गई सुरक्षा व्यवस्था
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बिहार में पटना समेत चार अन्य जिलों में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरे पत्र मिलने के बाद राज्य भर में सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं। इसी क्रम में सहरसा व्यवहार न्यायालय में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सहरसा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिसकर्मियों द्वारा कोर्ट परिसर में विशेष 'मॉक ड्रिल' का आयोजन किया गया।
आधे घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए कोर्ट परिसर में करीब आधे घंटे तक मॉक ड्रिल चला। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि राज्य के 5 जिलों में मिली धमकी के बाद एहतियाती कदम के तौर पर यह मॉक ड्रिल किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पुलिस बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कितना तैयार है।
भयमुक्त माहौल के लिए सुरक्षा जरूरी
इस मौके पर सहरसा व्यवहार न्यायालय के सीजेएम अविनाश कुमार ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में आम नागरिक और वादी आते हैं, उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
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सीजेएम ने कहा कि वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया यह मॉक ड्रिल एक बेहतरीन कदम है। इसका मकसद है कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान उन जगहों को भी चिन्हित किया गया है जहां सुरक्षा बढ़ाई जानी है। दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि कैंपस को पूरी तरह भयमुक्त बनाया जाए ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।