घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़
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बिहार के मधेपुरा जिले के आलमनगर नगर पंचायत में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। वार्ड-14 में एक बड़े भाई ने सो रहे छोटे भाई की कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके तुरंत बाद उसी देसी कट्टे से खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना ऐसे समय हुई, जब परिवार छोटे भाई की शादी की तैयारियों में जुटा था। पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर जांच शुरू कर दी है।
सुबह करीब पांच बजे हुई वारदात
यह घटना बुधवार सुबह करीब पांच बजे आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड-14 में हुई। मृतकों की पहचान किराना व्यवसायी नवल किशोर भगत के बड़े बेटे पंकज कुमार (35) और छोटे बेटे छोटू कुमार (28) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों भाई घर में एक साथ सो रहे थे। इसी दौरान पंकज कुमार ने देसी कट्टे से पहले छोटे भाई छोटू कुमार की कनपटी में गोली मार दी। गोली लगते ही छोटू कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
फिर खुद को भी मारी गोली
छोटे भाई की हत्या करने के बाद पंकज कुमार ने उसी देसी कट्टे से अपने सिर में गोली मार ली। इससे उसकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना के बाद पिता नवल किशोर भगत का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की छोटी बेटी कोमल कुमारी भी इन दिनों मायके आई हुई थी और घटना के समय घर पर मौजूद थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही आलमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पंकज कुमार के शव के पास से खून से सना देसी कट्टा बरामद किया है। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने मृतकों के पिता नवल किशोर भगत से पूछताछ की।
पिता ने बताई रात की पूरी घटना
पिता ने पुलिस को बताया कि रात में उन्होंने बड़े बेटे पंकज को रोज की तरह आंगन में टहलते देखा था।इसके बाद वह शौच के लिए चले गए। शौच के दौरान उन्हें दो बार पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। उन्होंने सोचा कि शादी-ब्याह का मौसम है, इसलिए आसपास कहीं पटाखे फूट रहे होंगे। इसके बाद वह वापस अपने कमरे में जाकर सो गए। सुबह उन्हें पता चला कि दोनों बेटों की गोली लगने से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार पंकज कुमार का व्यवहार पिछले कुछ समय से सामान्य नहीं था। वह अक्सर घर में विवाद करता रहता था।
स्नातक तक पढ़ा था पंकज
पंकज कुमार स्नातक तक पढ़ा-लिखा था। लेकिन वह शादी करने के लिए तैयार नहीं होता था। परिजनों के अनुसार वर्ष 2008 में पंकज और छोटू की मां का निधन हो गया था। बताया जा रहा है कि वारदात से ठीक पहले पंकज ने अपनी दिवंगत मां और दोनों भाइयों की तस्वीर के सामने दीपक जलाया था। परिजनों ने बताया कि पंकज के शादी से इनकार करने के बाद परिवार ने छोटे बेटे छोटू कुमार की शादी तय कर दी थी। छोटू कुमार का तिलक-फलदान 28 जून को संपन्न हुआ था। छोटू कुमार की शादी 8 जुलाई को होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।