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Bihar: आपत्तिजनक हालत में दिखे पूर्व मुखिया को एक-दूसरे का कार्यकर्ता बता रहे भाजपा-राजद के नेता; जानिए, मामला

Sun, 15 Jun 2025 08:44 AM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Supaul News: सुपौल में पूर्व मुखिया का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता उसे एक-दूसरे की पार्टी के कार्यकर्ता बता रहे हैं। 
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भाजपा की ओर से जारी तस्वीर। (कंधे पर तोलिया लिए सिंहेश्वर विधायक, उनके दाएं में सत्य नारायण शर्
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विस्तार
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भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्य नारायण शर्मा के वायरल वीडियो मामले में सुपौल की राजनीति गरमा गई है। एक ओर भाजपा सत्य नारायण को राजद का सदस्य बता रही है। वही राजद का दावा है कि सत्य नारायण से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। केवल राजनीतिक लाभ के लिए राजद का नाम उछाला जा रहा है। इस बीच भाजपा ने सत्य नारायण शर्मा की तीन अलग-अलग तस्वीर जारी की है, जिसमें वह मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर विधायक और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सुपौल संसदीय सीट से राजद उम्मीदवार चंद्रहास चौपाल के साथ मंच साझा करता दिख रहा है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र नारायण पाठक ने तस्वीर जारी करते हुए कहा है कि सत्य नारायण शर्मा, जिसे भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है, उसे पूर्व में ही पार्टी से निकाला जा चुका है। बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भी वह राजद उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर रहे थे और उन्होंने एक साथ मंच भी साझा किया। उन्होंने दावा किया है कि विधायक के साथ सत्य नारायण शर्मा की तस्वीर सिंहेश्वर में ही चुनाव प्रचार की है। सत्य नारायण शर्मा जैसे चरित्रहीन लोगों का भाजपा में कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों की जगह केवल राजद में ही हो सकती है।

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इधर, राजद के राष्ट्रीय महासचिव सह पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव ने दावा किया है कि सत्य नारायण का राजद से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार भाजपा द्वारा जारी की गई तस्वीर किसी राजनीतिक कार्यक्रम की नहीं, बल्कि किसी शादी समारोह जैसी प्रतीत हो रही है। संभवत: किसी शादी समारोह में दोनों की मुलाकात हुई होगी। अन्यथा अगर मंच राजनीतिक भी है तो निजी संबंधों की वजह से वह सिंहेश्वर विधायक के साथ दिखे होंगे। लेकिन औपचारिक तौर पर सत्य नारायण ने कभी भी राजद की सदस्यता ग्रहण नहीं की है। चरित्रहीन लोगों का पार्टी में कोई स्थान भी नहीं है। वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे हैं और यह प्रमाणित है। सत्य नारायण को भाजपा ने पार्टी से कब निकाला, इसका प्रमाण भी पार्टी को देना चाहिए। मौज-मस्ती वहीं करता है, जो सत्ता में रहता है। रंगरलियां भाजपा वाले मना रहे थे और बदनाम राजद को किया जा रहा है। सत्य नारायण भाजपा में ही था और भाजपा में ही है। आज उसका कुकर्म सामने आया तो हमारा नाम लिया जा रहा है।

वर्ष 2015 से 2018 तक जिलाध्यक्ष रहा सत्य नारायण शर्मा
इधर, सत्य नारायण शर्मा को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड अंतर्गत पिपराखुर्द पंचायत के वार्ड 03 निवासी सत्य नारायण को वर्ष 2015 में पहली बार भाजपा में बड़ी जिम्मेवारी मिली। वह वर्ष 2018 तक भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे। हालांकि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव और फिर 2020 के विधानसभा चुनाव में वह निष्क्रिय रहे। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र नारायण पाठक की मानें तो वर्ष 2018 में पद से हटने के साथ ही सत्य नारायण ने पार्टी की गतिविधियों में शामिल होना बंद कर दिया था। वही 2020 के लोकसभा चुनाव के कुछ दिनों बाद ही उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से उसकी नजदीकियां राजद से बढ़ी और 2024 के लोकसभा चुनाव में वह राजद उम्मीदवार के साथ चुनाव प्रचार में भी सक्रिय भूमिका में रहा।
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वीडियो वायरल होने के बाद सत्य नारायण का मोबाइल बंद
वर्ष 2001 से 2006 तक सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के पिपराखुर्द से मुखिया सत्य नारायण शर्मा का गुरुवार की रात गांव की ही एक महिला के साथ एक कमरे में आपत्तिजनक हालत में वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद से उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। वही पिपराखुर्द स्थित आवास पर भी उससे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। वही घटनाक्रम से जुड़ा कई अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि भपटियाही थानाध्यक्ष संजय दास ने बताया कि इस संदर्भ में पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। आवेदन मिलने पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
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राजद विधायक बोले- चौपाल जाति महासभा की बैठक में साथ थे
इधर, मधेपुरा के सिंहेश्वर से राजद विधायक चंद्रहास चौपाल ने भाजपा के दावों का खंडन किया है। उनका दावा है कि बीते 08 मई को सिंहेश्वर में चौपाल महासभा की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सत्य नारायण शर्मा भी उनके साथ मंच पर मौजूद थे। इससे पूर्व महासभा की एक अन्य बैठक में उनसे मुलाकात हुई। कहा कि चौपाल जाति के इकलौते विधायक होने की वजह से महासभा के सभी कार्यक्रमों में मुझे आमंत्रित किया जाता है। इसके अलावा सत्य नारायण शर्मा से मेरा कोई अन्य संबंध नहीं है। सत्य नारायण भाजपा में ही हैं, लेकिन अब कुकर्म सामने आने के बाद जबरन मुझसे और राजद से उनका संबंध जोड़ा जा रहा है। इंदौर कांड से लेकर कुश्ती संघ तक भाजपा नेताओं का चरित्र सामने आता रहा है। सत्य नारायण भी उसी कड़ी का हिस्सा हैं।

 

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