पेपर लीक और अफसरशाही पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब से राजद ने एनडीए सरकार से अलग होकर विपक्ष की भूमिका निभाई है, बिहार में एक भी परीक्षा बिना पेपर लीक के आयोजित नहीं हुई है। मैट्रिक से बीपीएससी तक के प्रश्न पत्र लगातार लीक हो रहे हैं। उद्घाटन से पहले पुल गिरने की घटनाएं हो रही हैं। अफसरशाही बेलगाम है और सरकार इसे रोकने में असफल रही है। उन्होंने सरकार पर नौजवानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नौजवानों पर लाठियां बरसाती है और मूक दर्शक बनी रहती है।
नीतीश सरकार को बताया 'खर्चीली सरकार'
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपनी यात्राओं पर दो अरब 25 करोड़ 78 लाख रुपये खर्च करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह पैसा जनता की गाढ़ी कमाई का है, लेकिन बिहार में अधिकारियों को यात्रा के नाम पर लूट की खुली छूट दी जा रही है। नीतीश कुमार देश के सबसे खर्चीले मुख्यमंत्री हैं।
विशेष राज्य के दर्जे पर सवाल
तेजस्वी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नीतीश पहले इस मांग का समर्थन करते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार के साथ होने के बावजूद चुप हैं। अगर अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता, तो कब मिलेगा? उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय एनडीए इस मुद्दे को उठाती है, लेकिन सत्ता में आते ही इसे दरकिनार कर देती है।
कार्यकर्ता संवाद यात्रा के उद्देश्य पर यह बोले
तेजस्वी ने कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी के विचारधारा को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि बिहार में गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और पलायन सबसे बड़ी समस्याएं हैं। हमारी सरकार ने 17 महीने के कार्यकाल में इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया था। आशा, ममता और टोला सेवकों का मानदेय दोगुना किया गया, जो सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में एक कदम था।
महंगाई और बेरोजगारी पर हमला
तेजस्वी ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार इन समस्याओं पर बात तक नहीं करती। उन्होंने महंगाई से जूझ रही जनता के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी यात्रा का अगला पड़ाव सीमांचल होगा। जहां 18 दिसंबर को संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि यह यात्रा बिहार में राजद की विचारधारा को और मजबूत करने में मदद करेगी।