Madhepura News: काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजन बार-बार कॉल करने लगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह हादसे की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
बिहार के मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार की अहले सुबह एक दर्दनाक हादसे में शिक्षक की जान चली गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह अपनी बेटी को ट्रेन में बैठाने के बाद नीचे उतर रहे थे। पैर फिसलने से वे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। अंधेरा ज्यादा होने के कारण किसी को कुछ पता नहीं चला और वह रातभर वहीं पड़े रहे। सुबह शव मिलने पर स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान मधेपुरा सदर थाना क्षेत्र के चकला सुखासन वार्ड-12 निवासी रविंद्र कुमार यादव (50) के रूप में हुई है। वे वर्तमान में नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड-19 में अपने परिवार के साथ रह रहे थे।
सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर थे कार्यरत
जानकारी के मुताबिक रविंद्र कुमार यादव सहरसा जिले के केशोपुर धबौली मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार की रात उनकी बेटी को परीक्षा देने पटना भेजना था। वह बेटी को कोसी एक्सप्रेस ट्रेन में बैठाकर खुद नीचे उतर रहे थे, तभी पैर फिसल गया और वे प्लेटफॉर्म से नीचे पटरी पर गिर पड़े। अंधेरा अधिक होने के कारण किसी को हादसे का पता नहीं चल सका। सुबह जब यात्रियों की आवाजाही शुरू हुई तो किसी की नजर प्लेटफॉर्म के नीचे पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद आरपीएफ को सूचना दी गई। रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया।
कॉल करने पर नहीं मिल रहा था कोई रिस्पांस
इधर, काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजन बार-बार कॉल करते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह हादसे की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मधेपुरा रेलवे सुरक्षा बल के एएसआई राकेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रविंद्र कुमार यादव की मौत ल की खबर मिलते ही विद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। अचानक हुए इस हादसे से पूरा परिवार टूट गया है। सहरसा में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम तक शव मधेपुरा पैतृक गांव लाया जाएगा।
शव मिलने की सूचना पर मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर लगी भीड़