अमर उजाला ने लगातार प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की थाने से बिक्री के मामले को उजागर किया। इसके बाद राघोपुर थाने के थानाध्यक्ष को मजबूरन मछली चोरी का केस दर्ज करना पड़ा। अब मामले की जांच बढ़ा दी गई है और एसपी शरथ आरएस ने राघोपुर थानाध्यक्ष समेत अनुमंडलीय मत्स्य पदाधिकारी की भूमिका की जांच वीरपुर एसडीपीओ को सौंप दी है।
प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की थाने से बिक्री का मामला राघोपुर थाने के लिए विवादित बन गया है। बुधवार देर शाम थानाध्यक्ष नवीन कुमार के फर्द बयान पर 365/25 दर्ज किया गया, जिसमें मछली कारोबारी संतोष साह और पिकअप चालक पर चोरी का आरोप लगाया गया। वहीं, पुलिसिया कार्रवाई पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। एसपी शरथ आरएस ने कहा कि मामले में संज्ञान लेने के बाद वीरपुर एसडीपीओ को जांच का जिम्मा सौंपा गया है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोमवार को मत्स्य विभाग की टीम ने राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही बाजार, गांधीनगर स्थित एनएच 27 से ट्रक सहित प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली जब्त की थी। बताया गया कि इस मछली के सेवन से कैंसर होने की संभावना रहती है। इसके बाद थाने में मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
लेकिन 24 घंटे के भीतर ही थाना परिसर से मछली डंपिंग के बजाय बाजार में पहुंच गई। व्यापारी ने ऑटो और पिकअप पर मछली मंडी तक पहुंचाई, और किसी पुलिस कर्मी ने रोक-टोक नहीं की। यह सब संभव नहीं था अगर थानाध्यक्ष की सहमति न होती। अमर उजाला द्वारा एसडीपीओ को जानकारी देने के बाद मंगलवार रात राघोपुर पुलिस ने धर्मपट्टी स्थित सुमित फिश सेंटर पर छापेमारी की और पिकअप से मछली जब्त कर सरहोचिया में दफनाई।
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70 हजार में तय हुआ था सौदा
छापेमारी के बाद मछली कारोबारी संतोष साह ने दावा किया कि उन्होंने 70 हजार रुपए में थाने को सुपुर्द की गई मछली का सौदा किया था। ट्रक पर 25 क्विंटल मछली थी, जिसमें 7 क्विंटल मरी हुई मछली पुलिस ने दफन कर कोरम पूरा किया। बाकी 18 क्विंटल मछली का सौदा उन्होंने 70 हजार रुपए में किया। संतोष ने बताया कि सौदा तय होने के बाद ही उन्होंने थाना परिसर में गाड़ी लगवा कर मछली अनलोडिंग कराई। उनके दावे को बल इस बात से भी मिलता है कि जब तक मामला उच्च पुलिस अधिकारियों तक नहीं पहुंचा, राघोपुर पुलिस पूरी तरह निश्चिंत बैठी रही।
पुलिस ने मछली की दो खेप दफन की, बाकि बाजार में बिक गई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रक में मरी मछलियों की पहली खेप मंगलवार शाम 7 बजे सरहोचिया में दफन की गई। दूसरी खेप रात 12 बजे दफन की गई। वहीं, भारी मात्रा में थाई मांगुर मछली खुले बाजार में बिक गई। बुधवार शाम तक थानाध्यक्ष मामले में कुछ नहीं बोले। जब यह जानकारी एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार तक पहुंची, तो उन्होंने रिपोर्ट तलब की और अंततः चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया।
थानाध्यक्ष का फर्द बयान
राघोपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने 16 सितंबर रात 11:30 बजे अपने फर्द बयान के आधार पर बुधवार देर शाम केस दर्ज किया। बयान में उन्होंने बताया कि 16 सितंबर शाम 6:30 बजे उन्होंने अनुशासित पुलिस बल के साथ छापेमारी के लिए निकले। अनुमंडल मत्स्य पदाधिकारी की देखरेख में जब्त मछली को नष्ट करने के लिए रवाना किया गया, लेकिन सूचना मिली कि मछली तय स्थान पर नहीं पहुंची। इसके बाद सुमित फिश सेंटर पर छापेमारी हुई और 12 क्विंटल मछली जब्त कर नष्ट की गई। संतोष साह और पिकअप चालक के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया।