अमर उजाला ने लगातार प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की थाने से बिक्री के मामले को उजागर किया। इसके बाद राघोपुर थाने के थानाध्यक्ष को मजबूरन मछली चोरी का केस दर्ज करना पड़ा। अब मामले की जांच बढ़ा दी गई है और एसपी शरथ आरएस ने राघोपुर थानाध्यक्ष समेत अनुमंडलीय मत्स्य पदाधिकारी की भूमिका की जांच वीरपुर एसडीपीओ को सौंप दी है।
प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की थाने से बिक्री का मामला राघोपुर थाने के लिए विवादित बन गया है। बुधवार देर शाम थानाध्यक्ष नवीन कुमार के फर्द बयान पर 365/25 दर्ज किया गया, जिसमें मछली कारोबारी संतोष साह और पिकअप चालक पर चोरी का आरोप लगाया गया। वहीं, पुलिसिया कार्रवाई पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। एसपी शरथ आरएस ने कहा कि मामले में संज्ञान लेने के बाद वीरपुर एसडीपीओ को जांच का जिम्मा सौंपा गया है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मछली जब्त और थाने से मंडी तक पहुंची
लेकिन 24 घंटे के भीतर ही थाना परिसर से मछली डंपिंग के बजाय बाजार में पहुंच गई। व्यापारी ने ऑटो और पिकअप पर मछली मंडी तक पहुंचाई, और किसी पुलिस कर्मी ने रोक-टोक नहीं की। यह सब संभव नहीं था अगर थानाध्यक्ष की सहमति न होती। अमर उजाला द्वारा एसडीपीओ को जानकारी देने के बाद मंगलवार रात राघोपुर पुलिस ने धर्मपट्टी स्थित सुमित फिश सेंटर पर छापेमारी की और पिकअप से मछली जब्त कर सरहोचिया में दफनाई।
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