फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar : हाय रे परिवहन विभाग, घर पर खड़ी कार का कट गया ओवरस्पीड का चालान; नोटिस आने के बाद गाड़ी मालिक परेशान

Wed, 16 Apr 2025 12:28 AM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा

सार

Bihar : हिंदी में एक कहावत है- प्रभु की माया, कहीं धूप कहीं छाया। कुछ ऐसी ही स्थिति फिलहाल परिवहन विभाग की है। 25 दिनों से लगभग 290 किलो मीटर दूर घर पर लगी हुई कार का ओवर स्पीड का चालान कट गया। परिवहन विभाग से मैसेज मिलने के बाद वाहन मालिक हैरान हैं।
विज्ञापन
मधेपुरा में घर पर खड़ी कार। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

परिवहन विभाग का एक अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। 25 दिनों से घर पर खड़ी कार का लगभग 290 किलोमीटर दूर ओवर स्पीडिंग का चालान कट गया। परिवहन विभाग से मैसेज मिलने के बाद वाहन मालिक हैरान हैं। दरअसल मधेपुरा शहर के वार्ड संख्या 19 निवासी निशांत कुमार को मंगलवार दोपहर एक बजे उनके मोबाइल पर परिवहन विभाग से मैसेज आया कि उनकी कार का चालान मोतिहारी में ओवर स्पीडिंग के लिए काटा गया है।

विज्ञापन


यह खबर भी पढ़ें -Bihar Election 2025 : पशुपति पारस को फिर झटका, कांग्रेस ने बता दिया- महागठबंधन में कितने दल हैं

25 दिनों से मधेपुरा में घर पर खड़ी है कार
चालान की राशि दो हजार रुपये बताई गई। निशांत कुमार ने बताया कि उनकी कार पिछले 20 से 25 दिनों से घर के बाहर खड़ी है। इस दौरान न तो कार स्टार्ट की गई, न ही कहीं ले जाई गई। उन्होंने कहा कि कार घर के बाहर पार्क है। ऐसे में मोतिहारी जैसे दूर जिले में चालान कटना मजाक जैसा है। चालान की जानकारी मिलने के बाद निशांत कुमार मधेपुरा स्थित जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां से उन्हें जवाब मिला कि जांच और समाधान के लिए मोतिहारी जाना होगा, क्योंकि चालान वहीं से जारी हुआ है। इस जवाब से निशांत कुमार और परेशान हो गए।
विज्ञापन


शिकायत के लिए जाना पड़ेगा मोतिहारी 
कार मालिक निशांत कुमार ने बताया कि एक फर्जी चालान की शिकायत करने के लिए मुझे मोतिहारी जाना पड़ेगा। आने-जाने और अन्य खर्च मिलाकर पांच हजार रुपये से ज्यादा लगेंगे, जबकि चालान की राशि दो हजार रुपये है। यह आम नागरिकों के लिए परेशानी की बात है। निशांत अब इस मामले की शिकायत मधेपुरा के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और परिवहन विभाग के वरीय अधिकारियों से करेंगे। यह मामला सिर्फ निशांत कुमार के लिए नहीं, बल्कि सभी वाहन चालकों के लिए चेतावनी है। या तो परिवहन विभाग के सिस्टम में बड़ी गड़बड़ी है, या किसी ने उनकी गाड़ी की नंबर प्लेट की नकल कर उसका गलत इस्तेमाल किया है। वाहन मालिकों को चाहिए कि वे समय-समय पर अपने वाहन की स्थिति और चालान की जांच करते रहें। सरकार और परिवहन विभाग को भी ऐसी तकनीकी गड़बड़ियों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों को परेशानी न हो।
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़िए -Bihar News: पुणे के व्यवसायी की अपहरण के बाद हत्या मामले में 11 अपराधी गिरफ्तार, फेक जीमेल से फंसाते थे

मधेपुरा में घर पर खड़ी कार।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें