Bihar : बिहार में बेरोजगार युवकों से ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस मामले में फर्जी संस्था खोलकर नौकरी के नाम पर ठगी किया जा रहा था। युवकों से 1.45 लाख लेकर नौकरी दिए जाने की गारंटी दी जा रही थी।
बिहार के मधेपुरा सदर थाना क्षेत्र के जयपालपट्टी में फर्जी संस्था खोलकर बेरोजगारों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर निवासी विभीषण कुमार हैं। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि आवश्यक पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में जयपालपट्टी वार्ड-15 निवासी पीड़ित दिवाकर कुमार ने थाना में आवेदन देकर छह लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी।
जनवरी में खोला था कार्यालय
पीड़ित के अनुसार जनवरी 2025 में मधेपुरा वार्ड-14 में बिहार सुदृढ़ शिक्षा संकल्प अभियान सह आदर्श बिहार शिक्षा संगठन के नाम से एक कथित संस्था खोली गई। इसके संचालक विभीषण कुमार, उनकी पत्नी नेहा कुमारी, ससुर रविन्द्र कुमार सहित छह लोगों ने संस्था को अर्द्ध-सरकारी बताकर नियुक्ति के नाम पर युवाओं से 1.45 लाख रुपये तक की राशि ली। कई युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर उनसे काम लिया गया, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी किसी को वेतन नहीं मिला। जब पीड़ितों ने वेतन और जमा पैसे की मांग की, तो पहले तो उन्हें टाल-मटोल किया गया, बाद में 30 अप्रैल 2025 तक राशि लौटाने का वादा कर फरार हो गए।
रुपये मांगने पर की मारपीट का आरोप
इसके बाद 19 मई को पीड़ित जब पैसे मांगने विभीषण कुमार के घर पहुंचे, तो वहां मौजूद सभी आरोपियों ने मिलकर गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं जानलेवा हमला भी किया। इस मामले में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बताया जा रहा है कि इससे पहले आरोपी ने दूसरे गांव में इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया था। मधेपुरा थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है।